लवी बाठ : प्रदेश में नशा खुला बिक रहा, फसल बेचने के लिए किसान खाएंगे धक्के लवी बाठ

लवी बाठ

अनाज मंडी में नए कड़े नियम पर जताया विरोध कहा किसान को अपनी फसल बेचने के लिए भी करनी पड़ेगी जद्दोजहद  : लवी बाठ

फतेहाबाद । लवी बाठ : हरियाणा में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने से पहले ही सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियमों ने तूल पकड़ लिया है। मंडी गेट पास के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर अनिवार्य करने और बायोमेट्रिक की शर्त पर पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति ने कड़ा ऐतराज जताया है। समिति के फतेहाबाद ब्लॉक प्रधान लवी बाठ ने सरकार की इन नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए इसे ‘कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने की साजिश’ करार दिया है।

किसान नेता लवी बाठ ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोल : लवी बाठ

फतेहाबाद । लवी बाठ : आज प्रदेश में नशा आम बिक रहा है, उस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। लेकिन जब किसान अपनी खून-पसीने की कमाई मंडी में बेचने आता है, तो उस पर इतनी पाबंदियां थोप दी जाती हैं जैसे वह कोई अपराध कर रहा हो। कभी पोर्टल की समस्या, कभी ट्रैक्टर नंबर की अनिवार्यता और अब बायोमेट्रिक का झमेला, किसान आखिर खेती करे या दस्तावेज तैयार करवाता फिरे। किसान संघर्ष समिति का आरोप है कि मंडी में जटिल नियम जानबूझकर बनाए जा रहे हैं ताकि किसान परेशान होकर सरकारी मंडियों से किनारा कर ले। लवी बाठ ने कहा कि यह साफ नजर आ रहा है कि सरकार चाहती है कि किसान मंडियों में न जाए और मजबूर होकर अपनी फसल अंबानी-अडानी के साइलो में ले जाए। उन्होंने इसे मंडी व्यवस्था को खत्म करने की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि कई बुजुर्ग किसानों के अंगूठे के निशान मशीन पर नहीं आते, जिससे गेट पास कटने में भारी देरी होगी।

पोर्टल की सुस्तीसर्वर की समस्याओं को देखते हुए ऑफलाइन एंट्री की सुविधा दी जाए : लवी बाठ

फतेहाबाद । लवी बाठ  : कई किसानों के पास पुराने ट्रैक्टर हैं या वे किराए की ट्रॉलियों का उपयोग करते हैं, जिन पर नंबर स्पष्ट न होने की स्थिति में उन्हें मंडी में प्रवेश नहीं मिलेगा। ई-खरीद पोर्टल और अन्य तकनीकी कागजातों के कारण अनपढ़ या कम पढ़े-लिखे किसानों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि गेट पास प्रक्रिया को सरल किया जाए। ट्रैक्टर-ट्रॉली के नंबर की शर्त को तुरंत हटाया जाए। बायोमेट्रिक का विकल्पअंगूठा सत्यापन की जगह मैन्युअल सत्यापन या आधार कार्ड को ही आधार माना जाए। पोर्टल की सुस्तीसर्वर की समस्याओं को देखते हुए ऑफलाइन एंट्री की सुविधा दी जाए। किसान नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सीजन के दौरान इन नियमों के कारण किसी भी किसान को परेशानी हुई या उसकी फसल की खरीद रुकी, तो पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति बड़ा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।
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