नोएडा: Noida contrary to the claims of the Uttar Pradesh government एक तरफ जहां पर उत्तर प्रदेश सरकार यह दावा कर रही है कि उत्तर प्रदेश में देश-विदेश से जमकर निवेश हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। नोएडा में लगातार औद्योगिक कंपनियां बंद हो रही हैं। शासन ने जांच कराई तो सामने आया कि नोएडा में 492 औद्योगिक कंपनियां बंद हो चुकी हैं या अब क्रियाशील नहीं हैं। इस मामले में उत्तर प्रदेश शासन ने नोएडा प्राधिकरण से जबाव मांगा है। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि वह अपने स्तर से जांच कराएगे। खास बात यह है कि बीते समय में प्राधिकरण के अधिकारी कंपनियों के बंद नहीं होने का दावा करते आ रहे थे।
औद्योगिक प्लॉट नोएडा प्राधिकरण की तरफ से आवंटित किए Noida contrary to the claims of the Uttar Pradesh government
शहर के अलग-अलग हिस्सों में करीब 11 हजार औद्योगिक प्लॉट नोएडा प्राधिकरण की तरफ से आवंटित किए गए हैं। ये भूखंड फेज वन, टू, तीन, हौजरी कॉम्प्लेक्स, एनएसईजेड समेत अन्य स्थान पर हैं। बीते सालों में जो औद्योगिक इकाइयां नोएडा में खुली थीं, वह धीरे-धीरे बंद होती जा रही हैं। कुछ महीने पहले शासन स्तर से नियुक्त एक एजेंसी ने नोएडा को लेकर जांच की। जांच में सामने आया कि यहां पर 492 औद्योगिक कंपनियां बंद हो चुकी हैं। एजेंसी के कर्मचारियों को मौके पर संबंधित इकाइयां संचालित होती नहीं मिलीं।
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नोएडा प्राधिकरण को अवगत कराते जुए जबाव मांगा Noida contrary to the claims of the Uttar Pradesh government

शासन ने इस रिपोर्ट से नोएडा प्राधिकरण को अवगत कराते जुए जबाव मांगा है। इस मामले में नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों की एक बैठक हुई। बैठक में शासन की तरफ से कराए गए निरीक्षण की रिपोर्ट रखकर औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों से जबाव मांगा। इस मामले में नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने बताया कि शासन स्तर की तरफ से कराई गई जांच में 492 औद्योगिक इकाइयां क्रियाशील नहीं मिली हैं। अब इनका दोबारा से निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी।

