Writ Courts are Not Solution All Problems, नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने एक यूट्यूबर द्वारा दायर उस याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया, जिसमें उसने एक फिल्म निर्माता के आरोपों को लेकर चेन्नई में सील किये गए उसके कार्यालय को खोलने और जब्त किये गए उपकरण लौटाने का निर्देश देने का अनुरोध किया था। फिल्म निर्माता ने यूट्यूबर पर मारपीट और जबरन वसूली करने का आरोप लगाया था।
सावुक्कू शंकर की याचिका पर सुनवाई Writ Courts are Not Solution All Problems
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा पारित एक आदेश को चुनौती देने वाली सावुक्कू शंकर की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया और उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट का रुख करने को कहा। पीठ ने शंकर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता बालाजी श्रीनिवासन से कहा, ‘‘यह मत सोचिए कि रिट अदालत सभी समस्याओं का रामबाण इलाज है। याचिका खारिज की जाती है।’’ उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के लिये रिट अदालत शब्द का भी इस्तेमाल किया जाता है।
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सीलिंग आदेश पर रोक लगाने से इनकार Writ Courts are Not Solution All Problems
मद्रास उच्च न्यायालय ने 30 दिसंबर 2025 को सीलिंग आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था और यूट्यूबर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 105 से 107 के तहत संबंधित मजिस्ट्रेट का रुख करने का निर्देश दिया था।
पुलिस कर्मियों की तैनाती को रोकने के लिए निर्देश का अनुरोध Writ Courts are Not Solution All Problems
शंकर ने अपनी याचिका में चेन्नई के अडाम्बक्कम स्थित जय कस्तूरी पार्थसारथी नगर की तीसरी गली में अरंगनाथन इल्लम की दूसरी मंजिल के नंबर 111 में अपने कार्यालय परिसर की सील खोलने और परिसर के प्रवेश द्वार पर पुलिस कर्मियों की तैनाती को रोकने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया था।
शंकर को आपराधिक मामलों में अंतरिम जमानत Writ Courts are Not Solution All Problems
मद्रास उच्च न्यायालय ने पिछले वर्ष 26 दिसंबर को स्वास्थ्य कारणों के आधार पर शंकर को 17 आपराधिक मामलों में अंतरिम जमानत दे दी थी। अदालत ने इस बात पर गौर किया था कि तमिलनाडु पुलिस द्वारा उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर बार-बार अंकुश लगाना केवल ‘‘कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग’’ ही माना जा सकता है।
शंकर को गिरफ्तार किया गया Writ Courts are Not Solution All Problems
शंकर को 13 दिसंबर को उसके आवास से गिरफ्तार किया गया और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि उसने एक फिल्म निर्माता से जबरन वसूली की थी।
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