- प्रदेश की 5 जेलों में बंदियों के कौशल विकास को लेकर 12 कोर्स होंगे शुरू
Diploma of Computer Engineering: हरियाणा के कारागार मंत्री Dr. Arvind Sharma ने कहा है कि Chief Minister Mr. Nayab Singh Saini के नेतृत्व की सरकार प्रदेश की जेलों में बंदियों के कौशल विकास व उनको आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस कड़ी में प्रदेश की 5 जेलों में 12 कोर्स शुरू किए जा रहे हैं, जिसमें जिला कारागार गुरुग्राम भी शामिल है। यहां पर जल्द ही कंप्यूटर इंजीनियरिंग डिप्लोमा शुरू किया जाएगा, इसके लिए ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जा चुका है।
विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा
शनिवार को गुरुग्राम प्रवास के दौरान कारागार मंत्री Dr. Arvind Sharma जिला कारागार, भौंडसी पहुंचे और विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए बंदियों के उन परिजनों से भी मुलाकात की, जो बंदियों से मुलाकात करने आए हुए थे। मंत्री Dr. Arvind Sharma ने कहा कि प्रदेश की जेलों में बंदियों की मूलभूत सुविधाओं व सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। इसके साथ-साथ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बंदी अपनी सजा पूरी करने के बाद जब समाज की मुख्यधारा में शामिल हों तो उन्हें कठिनाई का सामना न करना पड़े।
तीन वर्षीय कंप्यूटर इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स Diploma of Computer Engineering
Dr. Arvind Sharma ने कहा कि इसके लिए प्रदेश की 5 जेलों केंद्रीय जेल अम्बाला, जिला जेल गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल व पानीपत में आईटीआई कोर्स शुरू किए जा रहे हैं, जिसके लिए मंजूरी मिल चुकी है। Dr. Arvind Sharma ने कहा कि गुरुग्राम जेल में बंदियों को तीन वर्षीय कंप्यूटर इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स करने का अवसर मिलेगा। इसके लिए आईटीआई, इंडरी (नूंह) के सहयोग से जेल परिसर में ही ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जा चुका है।
29 बंदियों द्वारा पंजीकरण भी करवाया Diploma of Computer Engineering
जेल मंत्री Dr. Arvind Sharma ने बताया कि इसके लिए अब तक 29 बंदियों द्वारा पंजीकरण भी करवाया जा चुका है। इसी के साथ-साथ गुरुग्राम जेल में एक साल के प्लम्बर कोर्स के लिए 25, वेल्डिंग कोर्स के लिए 25 व कंप्यूटर एप्लिकेशन कोर्स के लिए 25 पंजीकरण हो चुके हैं। कैबिनेट मंत्री Dr. Arvind Sharma द्वारा जेल अधीक्षक नरेश गोयल को निर्देश भी दिए गए कि बंदियों द्वारा बनाए जा रहे लकड़ी के सामान की कैटलॉग भी प्रकाशित करवाई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसका प्रचार किया जा सके।
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