60 लाख की डील में रिश्वतखोरी का खुलासा : Factory Case
जींद। Factory Case : जींद में जीएसटी अधिकारियों की कथित रिश्वतखोरी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी के एक इंस्पेक्टर, एक सुपरिटेंडेंट और एक स्थानीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। सीबीआई एक अन्य अधिकारी की तलाश जारी है। यह कार्रवाई पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद की गई है।
सीबीआई ने लिया बड़ा एक्शन, जीएसटी के दो अधिकारी सहित तीन गिरफ्तार Factory Case
जींद। Factory Case : इंडिया ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजेश सैनी ने पत्रकारों से बातचीत में जानकारी देते हुए बताया कि गत 12 मार्च को जीएसटी रोहतक की टीम ने उनकी फैक्ट्री पर छापा मार कर दस्तावेज कब्जे में ले लिए। इसके बाद अधिकारियों ने पहले एक करोड़ रुपये का जुर्माना बता कर दबाव बनाया और बाद में 60 लाख रुपये में मामला सेट करने की बात कही। राजेश सैनी के अनुसार 13 मार्च को ही उनसे 20 लाख रुपये वसूल लिए गए। आठ लाख सुबह और 12 लाख शाम को दिए गए। बाद में उन्हें रोहतक कार्यालय बुला कर कुल 24 लाख रुपये और देने का दबाव बनाया गया। व्यापारी ने पहले विजिलेंस से संपर्क किया फिर सीबीआई से। चंडीगढ़ सीबीआई टीम ने योजना बनाकर एक अधिकारी को ड्राइवर बना कर साथ भेजा और पूरी बातचीत रिकॉर्ड की। योजना के तहत जब एक स्थानीय व्यक्ति परमानंद पांच लाख रुपये लेने फैक्ट्री पहुंचा तो सीबीआई ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद जीएसटी के सुपरिटेंडेंट अनिल और इंस्पेक्टर अखिल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में सुपरिटेंडेंट हंसराज फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। राजेश सैनी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जीएसटी अधिकारी पहले व्यापारियों पर कार्रवाई का डर बनाते हैं और फिर उसी से राहत दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का हर तीसरा व्यापारी इस तरह की वसूली से परेशान है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के बाद उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और फंसाने की चेतावनी दी जा रही है। जिसकी जानकारी सीबीआई को दे दी गई है।]
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जींद। Factory Case :मैन्युफैक्चरर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सतीश ढिल्लो ने कहा कि व्यापारी को सरकार का टैक्स जरूर देना चाहिए लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि जींद में लगातार हो रही जीएसटी रेड से व्यापारियों में रोष है। खासकर फरवरी व मार्च में इस तरह की कार्रवाई बढ़ जाती है। इस दौरान आज काफी संख्या में एसोसिएशन से जुड़े व्यापारी और उद्योगपति मौजूद रहे और राजेश सैनी के कदम की सराहना की। व्यापारियों का कहना था कि जीएसटी अधिकारी सर्च और अरेस्ट वारंट के नाम पर डर का माहौल बनाते हैं। दोपहर में छापा मारते हैं पूरी रात पूछताछ कर मानसिक दबाव बनाते हैं। गिरफ्तारी का डर दिखा कर सेटिंग की बात करते हैं। व्यापारी नेता राजकुमार गोयल ने कहा कि जो व्यापारी सबसे ज्यादा टैक्स देकर सरकार का खजाना भरते हैं, उन्हीं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को ईमानदार व्यापारियों को सम्मान देना चाहिए लेकिन उन्हें प्रताडि़त किया जा रहा है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस केवल कागजों में नजर आता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे मामलों में सख्त और पारदर्शी कार्रवाई होनी चाहिए। जींद में सामने आया यह मामला जीएसटी सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार की गंभीर तस्वीर पेश करता है। सीबीआई की कार्रवाई से जहां एक ओर हड़कंप मचा है, वहीं व्यापारियों में उम्मीद जगी है कि अब ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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