Haryana gangsters यूएसए, यूके, कनाडा, आस्ट्रेलिया, पुर्तगाल, ऑस्ट्रेलिया और पुर्तगाल समेत कई देशों में छिपे बैठे हैं गैंगस्टर, कई बाहरी देशों से प्रत्यर्पण संधि नहीं होने से छिपे गैंगस्टरों को लाने में तकनीकी पेचीदगी आ रही सामने
चंडीगढ़: Haryana gangsters पिछले दिनों हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और डकैती के दो दर्जन मामलों में वांछित पांच लाख के इनामी और पैरोल के दौरान फर्जी पासपोर्ट हासिल करके कंबोडिया भागे एक कुख्यात गैंगस्टर मैनपाल बादली को छह साल बाद प्रत्यर्पित कर हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया लेकिन विदेश से अपना गैंग संचालित कर रहे गैंगस्टरों की लंबी फेहरिस्त है लेकिन हरियाणा पुलिस और एसटीएफ को सालों से तलाश है क्योंकि जिन कई देशों में ये गैंगस्टर छुपे हुए हैं उन देशों से भारत की कोई संधि नहीं होने के चलते उनको वापस भारत लाने में खासी दिक्कत पेश आ रही हैं। पुलिस और एसटीएफ द्वारा लगातार इन देशों से में गैंगस्टर की प्रत्यर्पण के लिए पुरजोर कोशिश की जा रही है लेकिन संधि नहीं होने और कई अन्य तकनीकी पेचीदगियों के चलते मामले में मामले में कोई खास प्रगति नहीं हो पा रही है और मामला फाइलों में रेंग रहा है। इसी कड़ी में ये भी बता दें कि गैंगस्टरों द्वारा डंकी रुट से विदेश में जाना भी उनके लाने में एक अड़चन के रुप में सामने आ रहा है।
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बार बार रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं लेकिन स्थिति नहीं बदली Haryana gangsters

Haryana gangsters प्राप्त जानकारी में सामने आया है कि गैंगस्टरों को देश में वापिस लाने के लिए राज्य पुलिस की संयुक्त यूनिट द्वारा विदेश मंत्रालय को रिमाइंडर लेटर भेजे गए हैं ताकि कानूनी प्रक्रिया में तेजी लाकर प्रदेश के ज्यादातर मामलों में वांछित हो चुके गैंगस्टर को जल्द से जल्द भारत लाकर उनके नेटवर्क को खत्म किया जा सके लेकिन तकनीकी पेचीदगियों के चलते ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है और जिन देशों से गैंगस्टर ऑपरेट कर रहे हैं उन देशों से कोई नवीनतम रिपोर्ट भी नहीं भेजे जानकारी भी रिपोर्ट हो रही है।
एसटीएफ की लिस्ट में 30 से ज्यादा हार्डकोर क्रिमिनल और गैंगस्टर विदेश में छुपे Haryana gangsters

Haryana gangsters अंदरुनी जानकारी में सामने आया है कि हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स ने हत्या, फिरौती और हत्या के प्रयास से ऐसे संगठित अपराधों में संलिप्त विदेश से अपना गैंग संचालित कर रहे करीब तीन दर्जन गैंगस्टर की लिस्ट बनाई है। नॉर्थ हरियाणा के गैंगस्टर की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया में अमित गुर्जर, नौनी, मनोज और पवन शौकीन वहां बैठकर जमकर फिरौती और गैंगवॉर के धंधे को आगे बढ़ा रहे हैं। अगर अमेरिका की बात कर तो वहां से नीरज, हिमांशु भाऊ, साहिल रिटौली और जोगा अपना गैंग संचालित कर रहे हैं। वही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिवंगत नफे सिंह राठी हत्याकांड में वांछित अपराधी नंदू यूके में गैंगस्टर गतिविधियां संचालित कर रहा है। हालांकि ये भी सामने आया है कि बाहर बैठे गैंगस्टरों द्वारा फिरौती भरी धमकी के मामले साउथ हरियाणा में ज्यादा रिपोर्ट हो रहे हैं।
आधा दर्जन से ज्यादा देश बने भारतीय गैंगस्टर की ऐशगाह Haryana gangsters
Haryana gangsters ये गैंगस्टर जिन देशों से अपना गैंग ऑपरेट कर रहे हैं उन देशों में मुख्य रूप से अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जॉर्जिया और पुर्तगाल जैसे देश शामिल है जो में गैंगस्टर की ऐशगाह हैं और तमाम सुख सुविधाओं के साथ यह जमकर फिरौती का खेल उन देशों से भारत में बेखौफ चला रहे हैं। ऐसा नहीं है कि हरियाणा पुलिस और एसटीएफ द्वारा इन वांछित अपराधियों को लाने के प्रयास नहीं किया जा रहे लेकिन सबसे बड़ी समस्या भारत और कई देशों के बीच अपराधियों को लाने के लिए प्रत्यर्पण संधि स्थापित होना नहीं है।
कई देशों से प्रत्यर्पण संधि नहीं होना भी गैंगस्टर को वापस लाने में अड़चन Haryana gangsters
Haryana gangsters वांछित भगोड़ों को भारत में वापस लाने के लिए संधियों का एक जटिल परिदृश्य है। कई देशों के साथ प्रत्यर्पण संधियाँ तो हैं, लेकिन कुछ देशों के साथ कोई औपचारिक संधि नहीं है जिसके चलते विशिष्ट देशों के साथ ऐसे प्रयासों में बाधा आ रही है। देशों के बीच संधि के अभाव में, लागू किए जाने वाले कानून और अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के लिए कोई निश्चित दिशा निर्देश नहीं होते। बहुत कुछ देशों के बीच संबंधों पर निर्भर करता है, जिसमें दोनों देशों के विभिन्न अधिकारियों के बीच सहयोग और समन्वय भी शामिल है। एक विकल्प पारस्परिक कानूनी सहायता संधि का सहारा लेना है, जिसमें दोनों देश आपराधिक कानूनों को लागू करने के लिए सूचनाओं का आदान-प्रदान करने पर सहमत होते हैं। यहाँ ये बताना भी महत्वपूर्ण है कि विशिष्ट हालात में औपचारिक संधि के बिना भी, अंतरराष्ट्रीय कानूनी सिद्धांतों, मौजूदा समझौतों या पारस्परिक व्यवस्थाओं के माध्यम से प्रत्यर्पण हो सकता है। अपराधी किसी भी वारदात को अंजाम देने के बाद सुरक्षित पनाह की उम्मीद में दूसरे देश भाग जाता है। फिर जिस देश में अपराधी ने वहां जाकर अपराध किया है, वहाँ उसे ढूँढ़ लिया जाता है और वहाँ के कानूनों के अनुसार उसे मुक़दमा और सजा के लिए वापस भेजने की कोशिश की जाती है।
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