Karnal Fraud : करनाल में 1 स्टडी वीजा के नाम पर लाखों की ठगी, इमीग्रेशन कंपनियों पर केस दर्ज

Karnal Fraud

करनाल में ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया  : Karnal Fraud

 Karnal Fraud  में ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक इमीग्रेशन कंपनी ने स्टडी वीजा के नाम पर मोटी रकम लेने के बावजूद छात्रों को विदेश नहीं भेजा। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।  डीजीपी के निर्देश पर हुई जांच , यह जांच ADGP Crime Haryana, पंचकूला के निर्देशों पर शुरू की गई। 12 दिसंबर 2025 को जारी पत्र और 16 दिसंबर को एसपी करनाल कार्यालय की डायरी के आधार पर केस की पड़ताल की गई। 25 मार्च 2026 को जांच रिपोर्ट तैयार कर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई।

इमीग्रेशन फर्मों और खातों की जांच  Karnal Fraud 

 Karnal Fraud  जांच के दौरान ‘इमीग्रो एचक्यू’ फर्म की संचालिका वंदना और उसके पति अर्पित दुल (निवासी अल्फा सिटी, करनाल) के बयान दर्ज किए गए। इसके अलावा करनाल निवासी विकारा भार्गव, जींद के विकास समेत कई अन्य लोगों से पूछताछ की गई। विभिन्न व्यक्तियों के बैंक खातों और लेन-देन की भी जांच की गई। रजिस्टर्ड फर्मों के जरिए हो रहा था लेन-देन
जांच में सामने आया कि इमीग्रो फर्म श्रम विभाग हरियाणा में 8 मई 2024 और एमएसएमई में 15 अप्रैल 2024 को रजिस्टर्ड है। यह फर्म स्टडी और टूरिस्ट वीजा के लिए आवेदन करवाती थी और फीस का लेन-देन बैंक खातों के माध्यम से किया जाता था। इसी तरह ‘वर्ल्डवाइड एजुकेशन कंसल्टेंट्स’ और ‘एनबी ओवरसीज’ भी रजिस्टर्ड फर्में पाई गईं। Jind Fraud Case

मानव तस्करी के सबूत नहीं मिले  Karnal Fraud

 Karnal Fraud : पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इन फर्मों का काम केवल स्टडी और टूरिस्ट वीजा तक सीमित था। वर्क वीजा, डंकी रूट या मानव तस्करी से जुड़े कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं।
13 लाख की ठगी का आरोप
मामले में चंडीगढ़ स्थित ‘कैन वीजा इमीग्रेशन’ कंपनी के एमडी बेअंत सिंह पर आरोप है कि उन्होंने करनाल निवासी जितेन्द्र कुमार पिलानी से उसके बच्चों को ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर 13 लाख से अधिक रुपये लिए, लेकिन उन्हें विदेश नहीं भेजा।
केस दर्ज, जांच जारी
शिकायत के आधार पर 30 मार्च को थाना सिविल लाइन करनाल में बेअंत सिंह और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी व इमीग्रेशन एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच राजेश कुमार को सौंपी गई है।
पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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