तियानजिन/नई दिल्ली:(Zero tolerance on terrorism) चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने आर्थिक, वित्तीय और ऊर्जा क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग पर संतोष व्यक्त करते हुए संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
मोदी–पुतिन भेंट में संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प Zero tolerance on terrorism

Zero tolerance on terrorism: बैठक में यूक्रेन संघर्ष पर भी गहन चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने और स्थायी शांति समझौते की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने हाल की शांति पहलों के प्रति भारत के समर्थन को दोहराते हुए कहा कि दुनिया को स्थिरता की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ में सहयोग को सुरक्षा, संपर्क और अवसर-इन तीन स्तंभों पर आगे बढ़ाने का भारत का दृष्टिकोण रखा। उन्होंने आतंकवाद से निपटने में किसी भी प्रकार के दोहरे मापदंड से बचने पर जोर देते हुए सदस्य देशों से सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों को जवाबदेह ठहराने की अपील की।

Zero tolerance on terrorism: प्रधानमंत्री ने कनेक्टिविटी को विकास और विश्वास निर्माण का आधार बताते हुए चाबहार बंदरगाह और उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे जैसी परियोजनाओं का समर्थन किया। उन्होंने स्टार्ट-अप, नवाचार, युवा सशक्तिकरण और साझा सांस्कृतिक विरासत पर आधारित सहयोग का आह्वान किया तथा एक सभ्यतागत संवाद मंच शुरू करने का प्रस्ताव रखा। मोदी ने बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए साइबर सुरक्षा, मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध से निपटने के लिए केंद्रों की स्थापना का स्वागत किया। उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग को आतिथ्य के लिए धन्यवाद देते हुए एससीओ की अगली अध्यक्षता संभालने पर किर्गिज़स्तान को बधाई दी।
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