Ampox Not Global Public Health Emergency: विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization- WHO) ने एमपॉक्स को लेकर दुनिया को राहत की खबर दी है। अफ्रीका में तेजी से एमपॉक्स फैलने के बाद World Health Organization- WHO ने पिछले साल अगस्त में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित की थी। फिलहाल, विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization- WHO) ने कहा है कि एमपॉक्स अब पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी नहीं है।
एमपॉक्स के प्रकोप का मूल्यांकन Ampox Not Global Public Health Emergency
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, World Health Organization- WHO की आपातकालीन समिति हर तीन महीने में एमपॉक्स के प्रकोप का मूल्यांकन करती रही है। World Health Organization- WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “शुक्रवार को समिति ने फिर से बैठक की और सलाह दी कि मौजूदा स्थिति अब इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी नहीं है। मैंने इस सलाह को स्वीकार कर लिया है।”
Related Posts
- Surya Murder Case : आरोपी असद के घर पर प्रशासन का नोटिस, 15 दिन में मकान खाली करने का निर्देश
- Mathura Clash Over Bhandara: मथुरा के महोली गांव में भंडारे को लेकर खूनी संघर्ष, 30 मिनट तक चली फायरिंग और पत्थरबाजी
- Rabri Devi Government Bungalow: राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड बंगले पर सियासी संग्राम, सरकार के नोटिस के बाद बोलीं- फोर्स बुलाकर खाली करवा लें
संक्रमण के कारकों और गंभीर जोखिम के बारे में बेहतर समझ
टेड्रोस ने कहा कि यह फैसला कांगो, बुरुंडी, सिएरा लियोन और युगांडा जैसे प्रभावित देशों में मामलों और मौतों में लगातार गिरावट के आधार पर लिया गया है। उन्होंने आगे कहा, “हम संक्रमण के कारकों और गंभीर जोखिम के बारे में बेहतर समझ पाए हैं, और सबसे अधिक प्रभावित देशों ने भी रिस्पॉन्स कैपेसिटी डिवेलप कर ली है।” हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि आपातकाल हटाना इसका मतलब नहीं है कि खतरा खत्म हो गया है या हमारी प्रतिक्रिया रुक जाएगी। उन्होंने बताया कि अफ्रीका सीडीसी ने गुरुवार को एमपॉक्स को अभी भी महाद्वीपीय पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी माना है।
नए प्रकोप और फ्लेयर-अप की संभावना Ampox Not Global Public Health Emergency
बयान में कहा गया है कि अभी भी नए प्रकोप और फ्लेयर-अप की संभावना बनी हुई है, जिसके लिए लगातार मॉनिटरिंग और रिस्पॉन्स जरूरी है। छोटे बच्चों और एचआईवी से पीड़ित लोगों के लिए खतरा सबसे बड़ा है। इसलिए इन लोगों की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयासों की जरूरत है। एमपॉक्स एक वायरल जूनोटिक बीमारी है, जो जानवरों से मनुष्यों में फैलती है। शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पीठ दर्द और लिम्फ नोड्स में सूजन शामिल हैं। इसके कारण बाद में चेहरे और शरीर पर दाने उभर आते हैं। अधिकतर संक्रमित व्यक्ति कुछ हफ्तों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह बीमारी गंभीर हो सकती है या मृत्यु भी हो सकती है।
मंकीपॉक्स के मामले Ampox Not Global Public Health Emergency
मई 2022 से, दुनिया भर में 100 से अधिक देशों और क्षेत्रों में मंकीपॉक्स के मामले सामने आए हैं। अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (अफ्रीका सीडीसी) ने गुरुवार को कहा कि एमपॉक्स अभी भी एक ‘महाद्वीपीय पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी’ बना हुआ है। अफ्रीका के कई देशों में नए मामलों में तेजी देखने को मिली है। अफ्रीका सीडीसी ने एक बयान में कहा कि घाना, लाइबेरिया, केन्या, जाम्बिया और तंजानिया जैसे देशों में एमपॉक्स के मामलों में नई लहर देखी जा रही है, भले ही पूरे महाद्वीप में साप्ताहिक पुष्ट मामलों में 52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई हो।
Also Read:Warm Wishes for Onam: मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने ओणम की दीं हार्दिक शुभकामनाएं
Also Read:Foreigners Stranded on Snowy Peak: 17,000 फीट की बर्फीली चोटी पर फंसे विदेशी नागरिक, सेना ने बचाया
Also Read:Foreigners Stranded on Snowy Peak: 17,000 फीट की बर्फीली चोटी पर फंसे विदेशी नागरिक, सेना ने बचाया
Related Posts
- Surya Murder Case : आरोपी असद के घर पर प्रशासन का नोटिस, 15 दिन में मकान खाली करने का निर्देश
- Mathura Clash Over Bhandara: मथुरा के महोली गांव में भंडारे को लेकर खूनी संघर्ष, 30 मिनट तक चली फायरिंग और पत्थरबाजी
- Rabri Devi Government Bungalow: राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड बंगले पर सियासी संग्राम, सरकार के नोटिस के बाद बोलीं- फोर्स बुलाकर खाली करवा लें

