Worship of Maa Skandamata: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने नवरात्रि के पांचवें दिन माता स्कंदमाता की विशेष उपासना का जिक्र करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने माता स्कंदमाता से सभी भक्तों के लिए सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्रार्थना की।
देवी स्कंदमाता की विशेष उपासना Worship of Maa Skandamata
Prime Minister Narendra Modi ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, “नवरात्रि में आज माता के पांचवें स्वरूप देवी स्कंदमाता की विशेष उपासना होती है। उनसे करबद्ध प्रार्थना है कि वे अपने सभी भक्तों को सुख-समृद्धि और सौभाग्य का आशीर्वाद दें। उनके ममतामयी स्नेह से हर किसी के जीवन में नई ऊर्जा और उमंग का संचार हो।”
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विभिन्न स्वरूपों की उपासना Worship of Maa Skandamata
Prime Minister Narendra Modi नवरात्रि के पहले दिन से ही रोजाना माता के विभिन्न स्वरूपों की उपासना का उल्लेख सोशल मीडिया के माध्यम से कर रहे हैं। इससे पहले, उन्होंने नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की एक बेहद खास और भावपूर्ण पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा की थी। Prime Minister Narendra Modi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दक्षिण भारत की प्रसिद्ध गायिका पी. सुशीला द्वारा गाया गया भक्ति गीत ‘जय जय देवी दुर्गा देवी’ शेयर किया था।
हिंदू मान्यताओं के अनुसार Worship of Maa Skandamata
माता स्कंदमाता को नवरात्रि के पांचवें दिन पूजा जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, माता स्कंदमाता अपने भक्तों को ममता, शक्ति और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। पुराणों के अनुसार, भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की माता होने के कारण इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है। कमल के आसन पर विराजमान होने से इन्हें पद्मासना देवी के नाम से भी जाना जाता है। चार भुजाओं वाली मां स्कंदमाता अभय मुद्रा में अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं और गोद में छह मुख वाले बाल स्कंद को धारण करती हैं। कमल पुष्प लिए यह देवी शांति, पवित्रता और सकारात्मकता की प्रतीक हैं।
पूजा से संतान सुख की प्राप्ति Worship of Maa Skandamata
मां स्कंदमाता की पूजा से संतान सुख की प्राप्ति होती है और शत्रुओं का नाश होता है। सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री होने के कारण इनकी उपासना करने वाला भक्त तेजस्वी और कांतिमय बनता है। शास्त्रों में इनकी महिमा का वर्णन है कि इनकी भक्ति से भवसागर पार करना सरल हो जाता है और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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