Fake GST ITC Case, नई दिल्ली/कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश में 658 करोड़ रुपये के कथित फर्जी जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट मामले के संबंध में कई राज्यों में तलाशी ली। अधिकारियों ने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत की जा रही जांच के सिलसिले में झारखंड, पश्चिम बंगाल और मणिपुर में इस मामले से जुड़े व्यक्तियों और कंपनियों के कई परिसरों की तलाशी ली जा रही है।
जीएसटी पर क्रेडिट का दावा Fake GST ITC Case
‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ (आईटीसी) वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली में एक कानूनी प्रावधान है जो व्यावसायिक संस्थाओं को व्यवसाय से संबंधित खरीद पर भुगतान किए गए जीएसटी पर क्रेडिट का दावा करके अपनी कर देनदारी को कम करने की अनुमति देता है। अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में स्थित ईडी कार्यालय विभिन्न राज्य पुलिस बलों के समन्वय से इस अभियान का संचालन कर रहा है।
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ईटानगर पुलिस द्वारा दर्ज Fake GST ITC Case
धन शोधन का यह मामला ईटानगर पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि राकेश शर्मा और आशुतोष कुमार झा नामक व्यक्तियों ने बिना किसी वास्तविक वस्तु या सेवा की आपूर्ति किए फर्जी रसीद के जरिए ‘‘धोखाधड़ी’’ करके इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठाया। मामले में ‘सिद्धि विनायक ट्रेड मर्चेंट्स’ नाम की एक फर्जी कंपनी भी शामिल बताई गई है, जिसके जरिए 658.55 करोड़ रुपये के कथित फर्जी बिल के आधार पर 99.31 करोड़ रुपये का आईटीसी लिया गया। इसके अलावा, विभिन्न राज्यों में फैली 58 फर्जी कंपनियां भी ईडी की जांच के दायरे में हैं।
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