India and Russia with Each Other: कठिन समय में एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं भारत और रूस : मोदी

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India and Russia with Each Other: अमेरिका की विभिन्न देशों पर आयात शुल्क लगाये जाने की घोषणा से दुनिया भर में मची उथल-पुथल के बीच Prime Minister Narendra Modi ने कहा है कि भारत और रूस हमेशा कठिन समय में एक दूसरे के साथ खड़े रहे हैं और उनकी साझेदारी दोनों देशों के साथ साथ वैश्विक शांति, स्थिरता तथा समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।

रूस-यूक्रेन संघर्ष के जल्द समाप्त होने की उम्मीद

चीन की दो दिन की यात्रा के अंतिम दिन Prime Minister Narendra Modi ने सोमवार को यहां तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन(एससीओ) के राष्ट्र प्रमुखों के 25 वें सम्मेलन के समापन के बाद Russian President Vladimir Putin के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान रूस-यूक्रेन संघर्ष के जल्द समाप्त होने की भी उम्मीद जतायी।

23 वें शिखर सम्मेलन India and Russia with Each Other

दोनों देशों के बीच प्रगाढ संबंधों तथा नियमित संपर्क का उल्लेख करते हुए Prime Minister Narendra Modi ने कहा,“ हम लगातार संपर्क में रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच नियमित रूप से कई उच्च स्तरीय बैठकें भी हुई हैं। इस वर्ष दिसम्बर में हमारे 23 वें शिखर सम्मेलन के लिए 140 करोड़ भारतीय उत्सुकतापूर्वक आपका इंतजार कर रहे हैं। यह हमारी एक विशेष और सामरिक साझेदारी की गइराई और व्यापकता का परिचायक है।” मुश्विकल वक्त में एक दूसरे के साथ खड़े रहने की भारत और रूस की नीतियों का उल्लेख करते हुए Prime Minister Narendra Modi  ने कहा, ‘‘कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी भारत और रूस हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर चले हैं। हमारी करीबी सहयोग न केवल दोनों देशों के लोगों के लिए बल्कि वैश्विक शांति स्थिरता और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।”

संघर्ष के जल्द समाधान की उम्मीद India and Russia with Each Other

रूस और यूक्रेन के बीच पिछले करीब तीन वर्ष से चले आ रहे संघर्ष के जल्द समाधान की उम्मीद जताते हुए Prime Minister Narendra Modi ने कहा, ‘‘यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के विषय में हम लगातार चर्चा करते रहे हैंं। हाल ही में किये गये शांति के सभी प्रयासों का हम स्वागत करते हैं । हम आशा करते हैं कि सभी पक्ष रचनात्मकता के साथ आगे बढेंगे, संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म करने और स्थायी शांति स्थापित करने का रास्ता खोजना होगा यह पूरी मानवता की पुकार है।” उल्लेखनीय है कि भारत ने हमेशा से ही इस संघर्ष के बातचीत से समाधान

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