नई दिल्ली, Special Financial Assistance Scheme प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर दिल्ली सरकार ने राजधानी के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग बच्चों के लिए बड़ी कल्याणकारी घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को नई पेंशन योजना से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिव्यांग बच्चों के लिए 10 नए ‘रिसोर्स सेंटर’ का उद्घाटन करेंगे, जिनसे करीब 12,500 बच्चों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर घोषित इन योजनाओं से दिल्ली में हजारों परिवारों को राहत मिलने वाली है। जहां वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा और गरिमा के साथ जीवन जीने का अवसर मिलेगा, वहीं दिव्यांग बच्चों को शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई राह मिलेगी।
वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा वित्तीय सहारा Special Financial Assistance Scheme
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि योग्य वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना का लाभ पाने के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर आवेदन करना होगा। लाभार्थियों का चयन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए चालू वित्त वर्ष में लगभग ₹149 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। रेखा गुप्ता ने कहा, “50,000 नई पेंशनों से हजारों परिवारों को राहत मिलेगी। हमारी सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि वरिष्ठ नागरिक सम्मान और गरिमा के साथ अपना जीवन व्यतीत कर सकें। अगर लाभार्थियों की संख्या बढ़ी तो सरकार बिना किसी देरी के अतिरिक्त बजटीय सहायता भी उपलब्ध कराएगी।”
पेंशन राशि में बढ़ोतरी Special Financial Assistance Scheme
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि मार्च में प्रस्तुत बजट भाषण में पेंशन राशि में पहले ही बढ़ोतरी की जा चुकी है। अब 60 से 69 वर्ष तक के वरिष्ठ नागरिकों को मासिक ₹2,000 की जगह ₹2,500 दिए जाएंगे। वहीं, 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को ₹2,500 से बढ़ाकर ₹3,000 मासिक पेंशन दी जाएगी। इस कदम से बुजुर्गों के जीवन स्तर में सुधार होने की उम्मीद है।
दिव्यांग बच्चों के लिए नई पहल Special Financial Assistance Scheme
दिल्ली सरकार ने दिव्यांग बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए 10 नए ‘रिसोर्स सेंटर’ खोलने की भी घोषणा की है। इनका शुभारंभ अमित शाह करेंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन केंद्रों का उद्देश्य सिर्फ बच्चों को शिक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि उन्हें गरिमा, सशक्तिकरण और समान अवसर उपलब्ध कराना है। रेखा गुप्ता ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कोई भी बच्चा अपनी चिकित्सा या सामाजिक जरूरतों के पूरा न होने के कारण पीछे न छूटे। यह पहल बच्चों के समग्र विकास के लिए है, जिसमें शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक सहयोग शामिल है।”
रिसोर्स सेंटर की विशेषताएं Special Financial Assistance Scheme
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि प्रत्येक केंद्र एक ‘वन-स्टॉप सर्विस सेंटर’ के रूप में कार्य करेगा। यहां बच्चों को चिकित्सा, शैक्षिक और परामर्श सेवाएं एक ही जगह मिलेंगी। इन केंद्रों में छह विशेषज्ञों की टीम तैनात होगी, जिसमें स्पीच थेरेपिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट और बिहेवियरल काउंसलर शामिल होंगे। ये विशेषज्ञ दिव्यांग बच्चों को व्यक्तिगत देखभाल देंगे ताकि वे पढ़ाई और रोजमर्रा की गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
मानसिक स्वास्थ्य पर भी फोकस Special Financial Assistance Scheme
सरकार का मानना है कि इन सेवाओं से न केवल बच्चों की शैक्षिक उपलब्धियों में सुधार होगा, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। विशेषज्ञ टीम बच्चों की विशेष जरूरतों के अनुसार व्यक्तिगत योजना बनाएगी, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन योजना और दिव्यांग बच्चों के लिए रिसोर्स सेंटर केवल तात्कालिक राहत देने वाली योजनाएं नहीं हैं, बल्कि समाज के संवेदनशील वर्गों को मुख्यधारा में लाने का बड़ा कदम हैं। उन्होंने अपील की कि सभी पात्र नागरिक समय पर आवेदन करें ताकि वे इस योजना का लाभ उठा सकें।
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