US Ambassador to the United Nations: अमेरिकी सीनेट नेमाइक वाल्ट्ज को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में अमेरिका का राजदूत नियुक्त करने के लिए वोट किया है। यह पद पिछले आठ महीनों से खाली था। माइक व्हाइट हाउस के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं।
विरोध में मतदान किया US Ambassador to the United Nations
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, वाल्ट्ज की पुष्टि के लिए 47 सांसदों ने पक्ष में और 43 ने विरोध में मतदान किया। अब वे अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होंगे, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) मंगलवार को वार्षिक सभा को संबोधित करने वाले हैं। एनबीसी न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, सीनेट में सुनवाई के दौरान वाल्ट्ज ने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र में सुधार की जरूरत है। उन्होंने अमेरिकी फंडिंग की समीक्षा और संगठन में यहूदी विरोधी रवैये को खत्म करने की बात कही थी।
Related Posts
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में कार्यरत US Ambassador to the United Nations
माइक वाल्ट्ज जनवरी से ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में कार्यरत थे, लेकिन मार्च में यमन में आगामी हमले पर चर्चा कर रहे वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक निजी सिग्नल चैट में गलती से एक पत्रकार को जोड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने पद छोड़ दिया। 27 मार्च को, US President Donald Trump ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत के रूप में रिपब्लिकन एलिस स्टेफनिक का अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद मई में वाल्ट्ज को संयुक्त राष्ट्र में राजदूत पद के लिए नामित कर दिया। इससे पहले पूर्व अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड जनवरी 20 को पद छोड़ चुकी थीं, जब US President Donald Trump ने राष्ट्रपति पद संभाला था।
वोटिंग में तीन डेमोक्रेट सांसद US Ambassador to the United Nations
इस वोटिंग में तीन डेमोक्रेट सांसद- जॉन फैटरमैन (पेंसिल्वेनिया), मार्क केली (एरिजोना) और जीन शाहीन (न्यू हैम्पशायर)—ने वाल्ट्ज के पक्ष में मतदान किया। वहीं रिपब्लिकन सांसद रैंड पॉल (केंटकी) अकेले ऐसे रहे जिन्होंने विरोध में वोट दिया। US President Donald Trump ने मई में घोषणा की थी कि वह 51 वर्षीय वाल्ट्ज को इस राजनयिक पद के लिए नामित कर रहे हैं। वाल्ट्ज जनवरी में राष्ट्रपति के पद की शपथ लेने के बाद से व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में कार्यरत थे। हालांकि, मार्च की गलती के बाद से ही ट्रंप का उन पर भरोसा कमजोर माना जा रहा था।
Read Also: Domestic Investors: घरेलू निवेशकों का जलवा, FPI निकासी का दोगुना, बाजार को दिया सहारा
Also read:Sarvapitri Amavasya पितरों के प्रति समर्पण का अनूठा अवसर है सर्वपितृ अमावस्या
Also read:Delhi Riots Case: उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली
Follow Us: X (Twitter) Cleck Here

