जींद। न्यायमूर्ति आलोक जैन : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आलोक जैन ने सोमवार को नरवाना न्यायालय परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अदालत की कार्यप्रणाली लंबित मामलों और न्यायिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों व वकीलों से भी बातचीत की।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों व वकीलों से की बातचीत : न्यायमूर्ति आलोक जैन
न्यायमूर्ति आलोक जैन : ने कहा कि नरवाना की बार एसोसिएशन और यहां के न्यायाधीशों के बीच बहुत अच्छा तालमेल देखने को मिला है। दोनों पक्ष मिल कर न्यायिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में सुनवाई में देरी हो रही है लेकिन इसके पीछे केवल एक पक्ष जिम्मेदार नहीं होता बल्कि कई बार दोनों पक्षों की ओर से भी देरी होती है और कहीं-कहीं आम नागरिक भी इसमें शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सुधार के लिए गंभीरता से काम किया जा रहा है। बार एसोसिएशन की ओर से रखी गई मांगों के बारे में उन्होंने कहा कि जो मांगें उनके सामने रखी गई हैंए उन्हें उच्च स्तर पर भेज कर मंजूरी दिलाने का प्रयास किया जाएगा ताकि न्यायालय की कार्यप्रणाली और सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके। युवा वकीलों को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति आलोक जैन ने कहा कि आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तेजी से बढ़ रहा है और न्यायिक कार्यों में भी बदलाव आ रहे हैं लेकिन हर काम एआई के माध्यम से संभव नहीं है।
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महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों से आगे बढ़कर बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं : न्यायमूर्ति आलोक जैन
न्यायमूर्ति आलोक जैन : उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे अपने सीनियर वकीलों के साथ बैठकर केस की गहराई से पढ़ाई करें और उनके अनुभव का लाभ अवश्य लें। किसी भी मुकदमे की पूरी तैयारी और वरिष्ठों की सलाह से ही बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। महिला वकीलों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि समाज में पहले यह सोच थी कि लड़कियां पीछे रहती हैं लेकिन अब समय बदल गया है और महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों से आगे बढ़कर बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने जींद की एक वरिष्ठ महिला न्यायाधीश का उदाहरण देते हुए कहा कि वे अपने दायित्वों का उत्कृष्ट रूप से निर्वहन कर रही हैं। न्यायमूर्ति आलोक जैन ने कहा कि कई मामलों में न्याय मिलने में देरी हो रही है जिन्हें उन्होंने स्वयं भी देखा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में तेजी लाकर जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए टीमवर्क बेहद जरूरी है। केवल जज या कुछ वकीलों के प्रयास से काम नहीं चलेगा बल्कि सभी को मिलकर ऐसा सिस्टम बनाना होगा जिससे मामलों का निपटारा जल्दी और प्रभावी ढंग से हो सके। उन्होंने वकीलों से भी अपील की कि अदालत में आवश्यक होने पर ही बहस करें और कार्यवाही को सुचारू बनाए रखने में सहयोग दें।
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