नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने ई-रिक्शा सेक्टर को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब राजधानी में ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन (Delhi E-Rickshaw Registration) सिर्फ उसी व्यक्ति के नाम पर होगा, जो खुद उसे चलाएगा। यानी कंपनियां और फर्म अब अपने नाम पर बड़ी संख्या में ई-रिक्शा रजिस्टर नहीं करा सकेंगी। यह नई व्यवस्था 15 मई से लागू होगी।
दिल्ली परिवहन विभाग ने 2022 में जारी उस पुराने सर्कुलर को वापस ले लिया है, जिसके तहत कंपनियों और फर्मों को कई ई-रिक्शा अपने नाम पर रजिस्टर कराने की अनुमति दी गई थी। सरकार का कहना है कि यह फैसला व्यक्तिगत चालकों के हितों की रक्षा और कॉर्पोरेट एकाधिकार को रोकने के लिए लिया गया है।
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‘वन ड्राइवर, वन ई-रिक्शा’ मॉडल पर जोर (Delhi E-Rickshaw Registration)
नई व्यवस्था के तहत अब एक व्यक्ति सिर्फ एक ही ई-रिक्शा (Delhi E-Rickshaw Registration) अपने नाम पर रजिस्टर करा सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे उन हजारों चालकों को फायदा मिलेगा, जो किराये या कमीशन मॉडल पर काम करते हैं और रोजाना की कमाई का बड़ा हिस्सा वाहन मालिकों को देना पड़ता है।
परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि ई-रिक्शा दिल्ली की लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की रीढ़ बन चुके हैं और सरकार चाहती है कि इसका फायदा ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद चालकों तक पहुंचे।
क्यों लिया गया यह फैसला? (Delhi E-Rickshaw Registration)
पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली में ई-रिक्शा की संख्या तेजी से बढ़ी है। कई इलाकों में बड़ी कंपनियों और ऑपरेटरों ने दर्जनों ई-रिक्शा खरीदकर उन्हें किराये पर चलवाना शुरू कर दिया था। इससे छोटे चालकों पर आर्थिक दबाव बढ़ने लगा था।
सरकार का मानना है कि नई नीति से:
छोटे और व्यक्तिगत चालकों को सीधा लाभ मिलेगा
बड़े ऑपरेटरों का दबदबा कम होगा
स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा
आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों का शोषण कम होगा
ई-रिक्शा सेक्टर में सुधार की तैयारी (Delhi E-Rickshaw Registration)
दिल्ली सरकार पहले से ही ई-रिक्शा सेक्टर को नियमित और सुरक्षित बनाने के लिए नई नीति पर काम कर रही है। इसमें ड्राइवर यूनिफॉर्म, लाइसेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट, पार्किंग और चार्जिंग व्यवस्था जैसे मुद्दों को भी शामिल किया जा सकता है।
हाल ही में ई-रिक्शा चालकों और संगठनों के साथ हुई बैठकों में किराया संरचना और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा हुई थी। सरकार 15 मई से नए रजिस्ट्रेशन शुरू करने जा रही है।
दिल्ली में दो लाख से ज्यादा ई-रिक्शा (Delhi E-Rickshaw Registration)
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में दो लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड ई-रिक्शा मौजूद हैं। हालांकि माना जाता है कि बड़ी संख्या में बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहन भी सड़कों पर चल रहे हैं।
ई-रिक्शा राजधानी में खासकर मेट्रो स्टेशनों और रिहायशी इलाकों के बीच कनेक्टिविटी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। महिलाएं, छात्र और बुजुर्ग बड़ी संख्या में इस सेवा का इस्तेमाल करते हैं।
चालकों में उम्मीद, कंपनियों में चिंता (Delhi E-Rickshaw Registration)
सरकार के इस फैसले के बाद कई ई-रिक्शा चालकों ने राहत जताई है। उनका कहना है कि इससे उन्हें खुद का वाहन मालिक बनने का मौका मिलेगा और रोजाना कमीशन देने की मजबूरी कम होगी।
वहीं दूसरी तरफ कुछ बड़े ऑपरेटर और फर्म इस फैसले को अपने कारोबार के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं। हालांकि सरकार साफ कर चुकी है कि उसका फोकस छोटे चालकों को आत्मनिर्भर बनाना और सेक्टर में संतुलन कायम करना है।
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