Landslide in Udhampur: जम्मू-कश्मीर में प्राकृतिक आपदाएं नहीं थम रही हैं। इस बार उधमपुर में भूस्खलन के कारण कई घर तबाह हो गए हैं। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। हालांकि, भूस्खलन के बाद केंद्रीय राज्यमंत्री Jitendra Singh ने उधमपुर की डीसी सलोनी राय से बातचीत करके जानकारी ली। जानकारी सामने आई है कि उधमपुर की सुलघर पंचायत में भारी बारिश के बाद भूस्खलन से कई घर नष्ट हो गए। इससे पहले, लाटी क्षेत्र में भूस्खलन की घटना हुई। इस कारण उधमपुर के कुछ इलाकों में रास्ते भी बंद हैं।
हेलीकॉप्टर से जरूरी सामान पहुंचाने की व्यवस्था Landslide in Udhampur
केंद्रीय राज्यमंत्री Jitendra Singh ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “उधमपुर डीसी सलोनी राय से बात की। लाटी आदि जैसे परिधीय क्षेत्रों तक अभी भी सड़क मार्ग से पहुंच संभव नहीं है। मोगरी जैसे क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर से जरूरी सामान पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है, जो मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगी।” केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के घर बह गए हैं, उनके लिए उपयुक्त विकल्प तलाशे जा रहे हैं। इस बीच, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने उधमपुर में भारी बारिश और भूस्खलन से प्रभावित एनएच-44 पर फंसे यात्रियों, ट्रक चालकों और सहायकों की मदद की।
खाने-पीने की व्यवस्था भी की गई Landslide in Udhampur
इसके साथ ही, इन प्रभावित लोगों के लिए एनएचएआई की तरफ से खाने-पीने की व्यवस्था भी की गई। इस पहल के तहत उधमपुर जिले के टिकरी से जखैण तक के मार्ग में दिन और रात के दौरान 700 से अधिक लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “ऐसे कठिन समय में राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं की सहायता करने और उनकी सुरक्षा व कुशलता सुनिश्चित करने के लिए एनएचएआई प्रतिबद्ध है।”
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