नई दिल्ली। fall in prices of food items उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित महंगाई दर या खुदरा महंगाई दर अगस्त में 2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह जानकारी गुरुवार को जारी हुई बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट में दी गई। सरकारी बैंक की ओर से कहा गया कि महंगाई के निचले स्तरों पर रहने की वजह आवश्यक वस्तु सूचकांक (ईसीआई) में कमजोरी बने रहना है। बैंक ऑफ बड़ौदा के अनुसार, ईसीआई लगातार चार महीनों से अपस्फीति क्षेत्र में है। इसमें अगस्त में सालाना आधार पर -1 प्रतिशत की और सितंबर के पहले 9 दिनों में -0.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
fall in prices of food items रिपोर्ट में बताया गया कि सब्जियों और दालों की अच्छी पैदावार के कारण खाद्य वस्तुओं की कीमतें नियंत्रण में रहेंगी। सितंबर में टमाटर, प्याज और आलू की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर भी खाद्य और ऊर्जा की कीमतें नियंत्रण में बनी हुई हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा ने कहा, सरकार द्वारा अधिकांश एफएमसीजी और टिकाऊ वस्तुओं सहित अन्य पर जीएसटी दरों को कम करने का वर्तमान कदम महंगाई के मोर्चे पर राहत की बात है। हमारा अनुमान है कि सीपीआई पर इसका समग्र प्रभाव 55-75 आधार अंक रहेगा।
fall in prices of food items सूचकांक में शामिल 20 में से 10 वस्तुओं में अपस्फीति देखी गई, जिसमें सबसे तेज गति प्याज और आलू में देखी गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्याज की खुदरा कीमतों में सालाना आधार पर सबसे अधिक -37.5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। यह जनवरी 2021 के बाद सबसे तेज गिरावट थी। आलू के लिए भी, वर्तमान मूल्य 44 महीनों के निचले स्तर पर है। दालों में, अधिकांश उप-घटकों में लगातार अपस्फीति देखी जा रही है।
fall in prices of food items बैंक ऑफ बड़ौदा ने कहा कि सबसे ज्यादा गिरावट तुअर/अरहर में देखी जा रही है, जिसमें अगस्त में -29 प्रतिशत की गिरावट आई है। दालों की अन्य श्रेणियां, जिनमें उल्लेखनीय गिरावट देखी गई हैं, उसमें उड़द (-8.9 प्रतिशत), मूंग (-5.2 प्रतिशत) और मसूर (-1.4 प्रतिशत) शामिल हैं। मुद्रास्फीति में गिरावट बेहतर उत्पादन से समर्थित है। वास्तव में, चालू खरीफ सीजन में, दालों के बुवाई क्षेत्र में सुधार हुआ है। अनाजों में, चावल की खुदरा कीमत धीमी गति से कम हुई है।
