- भोजन और पानी लेने निकले लोग भी अब सीधे निशाने पर
- अब तक 270 से ज्यादा पत्रकार मारे गए
Israeli Attack in Gaza: इज़राइल ने गाज़ा सिटी पर मंगलवार को भीषण हमला तेज कर दिया, जिसमें कम से कम 105 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। मारे गए लोगों में 32 लोग वे थे जो मदद पाने के लिए लाइन में खड़े थे, जबकि कई बच्चे और पत्रकार भी इस हमले की चपेट में आ गए। सबसे ज्यादा तबाही अल-सबरा इलाक़े में हुई, जहां कई दिनों से लगातार बमबारी जारी है। गाज़ा प्रशासन का कहना है कि सिर्फ भोजन और पानी लेने निकले लोग भी अब सीधे निशाने पर हैं।
ड्रोन से हमला किया
खान यूनिस के पास अल-मवासी इलाके में, जिसे पहले “सुरक्षित क्षेत्र” घोषित किया गया था, पानी भरने के लिए खड़े 21 लोगों पर ड्रोन से हमला किया गया। इनमें 7 बच्चे शामिल थे। घटनास्थल से मिले वीडियो में खून से सने पानी के डिब्बे और मासूमों के शव दिखाई दिए। फिलिस्तीनी सिविल डिफेंस के प्रवक्ता महमूद बसाल ने कहा की “वे लोग सिर्फ पानी लेने लाइन में खड़े थे, तभी उन पर हमला कर दिया गया। जिंदगी की तलाश अब मौत में बदल गई है।”
Related Posts
- फतेहाबाद मताना गांव के एक ही परिवार के 6 सदस्यों की मौके पर ही मौत Fatehabad Road Accident
- Abhishek Banerjee House Raid: अभिषेक बनर्जी के घर तड़के पुलिस की छापेमारी, ताला तोड़कर की गई तलाशी; बंगाल की राजनीति में मचा हड़कंप
- Malviya Nagar Hotel Fire: मालवीय नगर अग्निकांड में होटल मालिक लवकेश बजाज गिरफ्तार, कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा
अल-अफ़ परिवार के घर पर भी हमला Israeli Attack in Gaza
गाज़ा सिटी में Al-Af family के घर पर भी इज़राइली हमला हुआ, जिसमें 10 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। हमले में दो पत्रकार अल-मनारा के रस्मी सालेम और ईमान अल-ज़ामली की मौत हो गई। अक्टूबर 2023 से अब तक 270 से ज्यादा पत्रकार मारे जा चुके हैं, जिससे यह युद्ध दुनिया का सबसे खतरनाक संघर्ष पत्रकारों के लिए बन गया है।
लोग सिर्फ हमलों से ही नहीं, बल्कि भूख से भी मर रहे Israeli Attack in Gaza
इज़राइल की नाकाबंदी के कारण लोग सिर्फ हमलों से ही नहीं, बल्कि भूख से भी मर रहे हैं। पिछले 24 घंटे में 13 लोग भूख से मरे, जबकि युद्ध शुरू होने के बाद अब तक 361 लोग भुखमरी के शिकार हो चुके हैं। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि युद्ध “निर्णायक चरण” में है और सेना गाज़ा सिटी पर कब्ज़े की तैयारी कर रही है। इस बीच हजारों रिजर्व सैनिकों को बुलाया गया, हालांकि इज़राइली मीडिया के अनुसार 365 सैनिकों ने ड्यूटी पर आने से इनकार कर दिया है।
नरसंहार और जबरन विस्थापन रोकने के लिए ज़रूरी Israeli Attack in Gaza
बेल्जियम ने मंगलवार को फिलिस्तीन को मान्यता दी और अन्य देशों से भी ऐसा करने की अपील की। फिलिस्तीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम “नरसंहार और जबरन विस्थापन रोकने के लिए ज़रूरी है।” इस बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने इज़राइल के कई ठिकानों और एक कार्गो जहाज़ को ड्रोन और मिसाइल से निशाना बनाया है। गाज़ा प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से मांग की है कि इज़राइल को रोका जाए और इसे “युद्ध अपराध व नरसंहार” घोषित किया जाए।
Also Read: CEIR Portal के माध्यम से गुम हुए 4 हज़ार मोबाइल मालिकों को दिलवाए
Also Read: Labor Day in America: अमेरिका में श्रमिक दिवस पर ट्रंप की नीतियों के खिलाफ कई शहरों में प्रदर्शन
Related Posts
- फतेहाबाद मताना गांव के एक ही परिवार के 6 सदस्यों की मौके पर ही मौत Fatehabad Road Accident
- Abhishek Banerjee House Raid: अभिषेक बनर्जी के घर तड़के पुलिस की छापेमारी, ताला तोड़कर की गई तलाशी; बंगाल की राजनीति में मचा हड़कंप
- Malviya Nagar Hotel Fire: मालवीय नगर अग्निकांड में होटल मालिक लवकेश बजाज गिरफ्तार, कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा

