दूसरे चांस मे मिली सफलता मां-बाप को दिया सफलता का श्रेय Swati Arya secured 366th rank in UPSC
जींद। कुछ कर गुजरने की इच्छा हो तो मंजिलें छोटी होती चली जाती हैं। इसी सोच के साथ नरवाना निवासी 23 वर्षीय स्वाति आर्य ने यूपीएससी में 366वां रैक प्राप्त किया है। यूपीएससी में रैंक पाने की पहले चांस में कुछ चूक रही। फिर दूसरे चांस में मेहनत के बल पर मंजिल को हासिल कर लिया। शुक्रवार को जैसेnarwana ही रिजल्ट डिक्लेयर हुआ तो परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। नरवाना निवासी 23 वर्षीय स्वाति आर्य ने यूपीएससी में 366वां रैक प्राप्त किया है।
स्वाति के पिता दिलबाग आर्य ने बताया Swati Arya secured 366th rank in UPSC
स्वाति के पिता दिलबाग आर्य ने बताया कि वो संस्कृत के सेवानिवृत प्राध्यापक रहे हंै। जबकि उनकी पत्नी राजरानी ड्राइंग टीचर हैं। तीन भाई व बहनों में स्वाति आर्य मंझली है। आर्य परिवार में संस्कारों के साथ पली बढ़ी स्वाति आर्य बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रही हंै। स्वाति आर्य ने बताया कि उसे यूपीएससी कैक्र करने की प्रेरणा अपने माता-पिता तथा अपने गुरूजन तथा साथियों से मिली। कोचिंग का सहारा लिया। 17 से 18 घंटे पढ़ाई को दिए। अच्छे विचार को को पढ़ा। हर शंका का निवारण किया। जिसके बलबूते पर उसे यह मुकाम मिला। स्वाति आर्य ने बताया कि अगर लक्ष्य को निधारित कर मेहनत की जाए तो उसे अवश्य भेदा जा सकता है।
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स्वाति ने अपने सपने यूपीएससी क्रैक करने को लक्ष्य किया Swati Arya secured 366th rank in UPSC

स्वाति के पिता दिलबाग आर्य ने बताया कि उन्होंने बेटे तथा बेटियों में कोई फर्क नही समझा। बुनियादी सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा। आज उसकी बेटी की उपलब्धी से सीना गदगद हो गया है। उन्होंने बताया कि स्वाती ने शुरू से ही पढ़ाई पर अपने ध्यान को फोक्स रखा। 12वीं तक की पढाई स्वाति आर्य ने एसडी आर्य पब्लिक स्कूल नरवाना से साइंस से की और मेरिट में स्थान बनाया। जिसके बाद स्वाति ने दिल्ली के हंसराज कालेज दिल्ली में दाखिला लिया और 2023 में बॉटिनी में विश्वविद्यालय को टॉप कर गोल्ड मेडल लिया। जिसके बाद स्वाति ने अपने सपने यूपीएससी क्रैक करने को लक्ष्य किया। प्री को क्लीयर किया लेकिन मेन में रह गई। जिस चूक के कारण वह पहले चांस में रही, फिर मेहनत के बल पर दूसरे चांस में 366 रैंक प्राप्त कर जिले के साथ माता-पिता का नाम भी रोशन कर दिया।
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