Iran America War 2026: मिडिल ईस्ट की जंग अब AMERICA के लिए भी परेशानी बनती दिख रही है. खाड़ी देशों ने आरोप लगाया है कि कि US और इजरायल ने IRANपर हमला करने से पहले उन्हें भरोसे में नहीं लिया और अब IRAN के पलटवार में उन्हीं देशों को टारगेट पर लिया जा रहा है, जिस की वजह से वॉशिंगटन और उसके अरब सहयोगियों के बीच नाराजगी बढ़ रही है. IRAN के साथ AMERICA ने जंग का ऐलान तो कर दिया लेकिन अब अमेरीका पछता रहा है क्योकि शायद अब अमेरीका को भी नहीं पता कि ये जंग कितने समय तक चलेगी।
खाड़ी सहयोगी देश भी नाराज Iran America War 2026
इस दौरान उसके खाड़ी सहयोगी देश भी नाराज नजर आ रहे हैं। इनका कहना है कि AMERICA और इजरायल ने IRANपर होने वाले हमले के बारे में पहले नहीं बताया था। अगर इस बारे में पहले जानकारी दी गई होती तो उनको खुद पर हुए पलटवार से निपटने की तैयारी का मौका मिल सकता था। न्यूज एजेंसी PTI की खबर के अनुसार, 2 खाड़ी देशों के अधिकारियों का कहना है कि उनकी सरकारें युद्ध को संभालने के अमेरिकी तरीके से नाराज हैं। खास तौर पर 28 फरवरी 2026 को IRAN पर हुए शुरुआती हमले से। उनका कहना है कि उनके देशों को अमेरिकी-इजरायली हमले की पहले से किसी भी तरह की जानकारी नहंी दी और AMERICA ने उनकी चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया कि इस युद्ध के पूरे क्षेत्र के लिए विनाशकारी नतीजे होंगे।
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US Army रक्षा करने में नाकाम Iran America War 2026
एक अधिकारी का कहना है कि खाड़ी देश इस बात से नाराज हैं कि US Army ने उनकी पर्याप्त रक्षा करने में नाकाम रही है। खाड़ी देशों का मानना है कि Opration का ध्यान Israeli and American soldiers की रक्षा पर केंद्रित रहा है, जबकि खाड़ी देशों को खुद की सुरक्षा के लिए खुद के हाल पर छोड़ दिया। खाड़ी देशों के पास हमले रोकने वाले इंटरसेप्टर्स भी तेजी से खत्म हो रहे हैं, जिसकी उनको चिंता सता रही है। इन खाड़ी देशों के अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बात की क्योंकि वे एक गोपनीय राजनयिक मामले पर चर्चा कर रहे थे. आधिकारिक बयान के लिए बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की सरकारों से संपर्क किया गया लेकिन उनकी तरफ से जवाब नहीं आया. खाड़ी अरब देशों की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रियाएं भले न आएं. लेकिन उनकी सरकारों से खास संबंध रखने वाले लोगों ने AMERICA की खुले तौर पर आलोचना की है. उनका मानना है कि Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu ने राष्ट्रपति donald trump को एक अनावश्यक युद्ध में घसीटा है। सऊदी अरब के पूर्व खुफिया प्रमुख Prince तुर्की अल-फैसल ने बुधवार को सीएनएन को कहा, श्यह नेतन्याहू का युद्ध है. उन्होंने किसी तरह राष्ट्रपति (donald trump) को अपने विचारों का समर्थन करने के लिए मना लिया। पेंटागन के अधिकारियों ने इस सप्ताह सांसदों के साथ बंद कमरे में हुई ब्रीफिंग में स्वीकार किया कि वे IRAN द्वारा लॉन्च किए गए ड्रोन हमलों की लहरों को रोकने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिससे खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों सहित कुछ अमेरिकी लक्ष्य असुरक्षित हो गए हैं. इजरायल और AMERICA से बदला लेने की आग में जल रहे IRAN के लिए खाड़ी देश आसान टारगेट्स हैं. क्योंकि ये देश उसकी कम दूरी की मिसाइलों की रेंज में आ जाते हैं. साथ ही इन इलाकों में US Army के बेस भी हैं. यहां Iran हमलों से Oil सप्लाई भी प्रभावित होती है।
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