Chandigarh Grenade Attack Case: राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने चंडीगढ़ सेक्टर 10 ग्रेनेड हमला मामले में एक प्रमुख आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
हमले की साजिश आतंकवादियों ने रची Chandigarh Grenade Attack Case
इस हमले की साजिश बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के आतंकवादियों ने रची थी। हमले में शामिल होने के आरोप में इस साल अप्रैल में गिरफ्तार किए गए पंजाब निवासी अभिजोत सिंह उर्फ बब्बा उर्फ गोपी पर शुक्रवार को चंडीगढ़ की एक विशेष एनआईए अदालत में दायर पूरक आरोपपत्र में आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि पंजाब के एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी को निशाना बनाकर किया गया यह हमला समाज में भय फैलाने की साजिश का हिस्सा था।
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गैंगस्टर हैप्पी पासिया के साथ मिलकर रची Chandigarh Grenade Attack Case
बयान में कहा गया है कि यह साजिश पाकिस्तान में स्थित बीकेआई के आतंकवादी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा ने अमेरिका में रहने वाले गैंगस्टर हैप्पी पासिया के साथ मिलकर रची थी। एनआईए जांच के अनुसार, पासिया भर्ती और भारत में रहने वाले आतंकवादियों को पैसा, हथियार व विस्फोटक मुहैया कराने के लिए जिम्मेदार था। पिछले वर्ष मार्च में रिंदा और पासिया के अलावा दो गिरफ्तार आरोपियों रोहन मसीह और विशाल मसीह के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
आतंकी गिरोह में भर्ती किया Chandigarh Grenade Attack Case
जांच के दौरान, एनआईए ने अभिजोत की पहचान मामले में सह-साजिशकर्ता के रूप में की, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बयान में कहा गया है कि जांच से पता चला है कि अभिजोत दिसंबर 2023 में आर्मेनिया गया था, जहां वह पासिया के आतंकी गुट शमशेर शेरा के संपर्क में आया। शेरा ने अभिजोत को पासिया के आतंकी गिरोह में भर्ती किया था।
सेवानिवृत्त अधिकारी की हत्या का प्रयास Chandigarh Grenade Attack Case
एनआईए ने कहा कि पिछले साल के मध्य में भारत लौटने के बाद अभिजोत ने जुलाई 2024 में लक्ष्य की रेकी की और रोहन के साथ मिलकर अगस्त 2024 में सेवानिवृत्त अधिकारी की हत्या का प्रयास किया। एजेंसी ने कहा कि उसे इस काम के लिए विदेश में रहने वाले बीकेआई के संचालकों से धन मिला था। इसके बाद सितंबर 2024 में, रोहन और विशाल ने ग्रेनेड हमला किया। सितंबर 2024 के हमले का उद्देश्य अधिकारी को निशाना बनाना था।
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