शास्त्रीय नृत्य की भावनात्मक प्रस्तुतियों ने मन मोहा emotionality of classical dance

emotionality of classical dance

नई दिल्ली: emotionality of classical dance कमानी ऑडिटोरियम में चल रहे फेस्टिवल ऑफ न्यू कोरियोग्राफीज-कलायात्रा 2026 के तीसरे दिन शास्त्रीय नृत्य की भावनात्मक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पद्म विभूषण डॉ. सोनल मानसिंह द्वारा परिकल्पित इस नृत्य महोत्सव में परंपरा और समकालीन दृष्टि का सुंदर संगम देखने को मिला। संध्या की शुरुआत भरतनाट्यम एकल नृत्य-नाट्य ‘कर्ण – बाउंड बाय फेट’ से हुई, जिसे गुरु वैभव आरेकर ने प्रस्तुत किया। महाभारत के वीर योद्धा कर्ण के जीवन, उनके त्याग, संघर्ष और नियति से बंधे अंत को नृत्य के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया।

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