एम्स की इमरजेंसी में एंडोस्कोपी-ब्रोंकोस्कोपी से मरीजों को राहत Endoscopy-bronchoscopy in AIIMS emergency

Endoscopy-bronchoscopy in AIIMS emergency

नई दिल्ली: Endoscopy-bronchoscopy in AIIMS emergency एम्स की इमरजेंसी में एंडोस्कोपी, ब्रोंकोस्कोपी व कोलोनोस्कोपी की सुविधा मिलने लगी है। इस वजह से इमरजेंसी में रक्तस्राव के साथ पहुंचने वाले मरीजों को इनके लिए अब अस्पताल के दूसरे ब्लॉक में स्थानांतरित करने की जरूरत नहीं पड़ रही। इमरजेंसी में ही मरीजों को एंडोस्कोपी, ब्रोंकोस्कोपी व कोलोनोस्कोपी की सुविधा मिलने से यहां पहुंचने वाले मरीजों का इलाज आसान हुआ है। यहां जल्द ही कैथ लैब लगाने की भी तैयारी है। इससे हार्ट अटैक व धमनियों में ब्लॉकेज के साथ गंभीर हालत में पहुंचने वाले मरीजों को एंजियोग्राफी व एंजियोप्लास्टी के लिए भी भागदौड़ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

उसे कार्डियोलॉजी की लैब में स्थानांतरित करना पड़ता Endoscopy-bronchoscopy in AIIMS emergency

मौजूदा समय में इमरजेंसी में पहुंचने वाले मरीजों की एंजियोग्राफी करने की जरूरत पड़ने पर उसे कार्डियोलॉजी की लैब में स्थानांतरित करना पड़ता है। इस कारण मरीजों के इलाज में विलंब होता है। इस समस्या के समाधान के लिए एम्स में इमरजेंसी में ही कैथ लैब की सुविधा विकसित करने के लिए पहल की गई है। संस्थान के डॉक्टर बताते हैं कि अगले दो-तीन माह में टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद जल्द ही एंजियोग्राफी की मशीन लग जाएगी। बता दें कि एम्स की इमरजेंसी में प्रतिदिन 400 से 450 मरीज पहुंचते हैं। इसमें हृदय व सांस के कई गंभीर मरीज शामिल होते हैं। वहीं, कई मरीज रक्तस्राव के साथ भी पहुंचते हैं।

मरीजों को इमरजेंसी एंडोस्कोपी व कोलोनोस्कोपी Endoscopy-bronchoscopy in AIIMS emergency

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250 मरीजों की हुई एंडोस्कोपी, कोलोनोस्कोपी रक्तस्राव के साथ पहुंचने वाले कई मरीजों को इमरजेंसी एंडोस्कोपी व कोलोनोस्कोपी कर उसका कारण पता करना होता है। कई मरीजों की एंडोस्कोपी के दौरान प्रोसीजर कर इलाज भी कर दिया जाता है। पहले इमरजेंसी में पहुंचने वाले मरीजों को गैस्ट्रोलॉजी विभाग के एंडोस्कोपी लैब में ले जाना पड़ता था। इमरजेंसी के प्रभारी डॉ. राकेश यादव ने बताया कि अब इमरजेंसी में ही एंडोस्कोपी व कोलोनोस्कोपी की सुविधा कर दी गई है। अब तक इमरजेंसी में करीब 250 मरीजों की एंडोस्कोपी व कोलोनोस्कोपी हो चुकी है। इसके अलावा सांस और फेफड़े के कई गंभीर मरीजों के इलाज के लिए ब्रोंकोस्कोपी करनी पड़ती है। इसके मद्देनजर इमरजेंसी में भी ब्रोंकोस्कोपी शुरू कर दी गई है। 24 घंटे ये सुविधाएं उपलब्ध हैं। डॉक्टर बताते हैं कि दिल्ली के ज्यादातर सरकारी अस्पतालों की इमरजेंसी में यह सुविधा नहीं है। इस वजह से ज्यादातर अस्पतालों में रात के वक्त इमरजेंसी एंडोस्कोपी व कोलोनोस्कोपी जैसी सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं।

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