Manpal Badli Arrested: हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सात लाख रुपए के इनामी कुख्यात अपराधी मैनपाल बादली को कंबोडिया से डिपोर्ट करवाकर गिरफ्तार किया है। मैनपाल बादली, जो हत्या और अन्य संगीन अपराधों के 22 मामलों में वांछित था, साल 2018 में पेरोल पर जेल से बाहर आने के बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाकर देश से फरार हो गया था। कंबोडिया में वह सोनू कुमार के फर्जी नाम से बिजनेस चला रहा था। फिलहाल, उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है, जहां पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मैनपाल बादली पर 22 मामले दर्ज Manpal Badli Arrested
हरियाणा एसटीएफ के IG Satish Balan ने बताया कि मैनपाल बादली पर हत्या, हत्या का प्रयास, लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराधों के 22 मामले दर्ज हैं। इनमें से तीन हत्या के मामलों में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। साल 2007 में दो हत्याओं और 2010 में एक अन्य हत्या के मामले में उसे उम्रकैद हुई थी। इसके अलावा, भोंडसी जेल में रहते हुए उसने एक कैदी की हत्या कर दी थी, जिसके चलते उसे भगोड़ा घोषित किया गया था। इस मामले में उसके दो साथियों को सजा हो चुकी है लेकिन मैनपाल बादली फरार था। हरियाणा पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए पांच लाख रुपए का इनाम घोषित किया था।
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बैंकॉक होते हुए कंबोडिया भाग गया
IG Satish Balan ने बताया कि कुछ समय पहले एसटीएफ को सूचना मिली थी कि मैनपाल बादली ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सोनू कुमार के नाम से पासपोर्ट बनवाया और कोलकाता हवाई अड्डे से बैंकॉक होते हुए कंबोडिया भाग गया। इस सूचना के आधार पर एसटीएफ ने केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ मिलकर कंबोडिया सरकार से संपर्क किया। कंबोडिया सरकार के सहयोग से मैनपाल बादली को डिटेन कर डेढ़ महीने तक हिरासत में रखा गया और अंततः उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया। एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया और अब उससे पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में यह पता लगाया जाएगा कि उसने किन रास्तों और लोगों की मदद से कंबोडिया पहुंचकर अपनी पहचान छिपाई।
फर्जी दस्तावेज तैयार किए Manpal Badli Arrested
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मैनपाल बादली ने सरहौल के एक पते पर सोनू कुमार के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। जांच में पाया गया कि सोनू कुमार नाम का कोई व्यक्ति नहीं है। इन फर्जी दस्तावेजों के जरिए उसने पासपोर्ट बनवाया और देश छोड़कर फरार हो गया। एसटीएफ अब उन सभी लोगों की तलाश कर रही है जिन्होंने मैनपाल की फरारी में सहायता की। आईजी सतीश बालन ने कहा कि मेनपाल की गिरफ्तारी हरियाणा पुलिस और एसटीएफ की एक बड़ी उपलब्धि है। उससे पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। रिमांड के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मैनपाल बादली के खिलाफ जेल में हत्या के मामले में अब ट्रायल शुरू होगा।
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