Not Allow West Bank to Occupied: अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने वैश्वक छवि बेहद खराब हो गई है। वे जितनी तेजी से वादा करते हैं उतनी ही तेजी से तोड़ भी देते हैं। यहां तक की अपनी बात से मुकरना और झूठ पर झूठ बोलना उनकी आदत बन चुका है। यही कारण है कि लोग US President Donald Trump के उस वादे पर भरोसा नहीं कर रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि किसी भी सूरत में वेस्ट बैंक पर इजरायल का कब्जा नहीं होने देंगे।
अरब देशों को परेशान कर दिया Not Allow West Bank to Occupied
गाजा में इजरायल की लगातार बमबारी, तबाही और बढ़ते मानवीय संकट ने अरब देशों को परेशान कर दिया है। उन पर दबाव बढ़ रहा कि इजरायल के खिलाफ एक्शन लें। दोहा में अरब देशों के नेताओं की मीटिंग हुई। इसके बावजूद इजरायल गाजा में बमबारी नहीं रोक रहा था। बार-बार ये कहा जा रहा था कि इजरायल पूरे वेस्ट बैंक पर कब्जा कर लेगा।
लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने अरब देशों के साथ मीटिंग में भरोसा दिया है। वे इजरायल को वेस्ट बैंक पर कब्जा नहीं करने देंगे। रिपोर्ट में यह दावा किया है कि ट्रंप ने यह वादा न्यूयॉर्क में यूएन जनरल असेंबली की मीटिंग के दौरान अरब नेताओं से हुई मुलाकात में दिया।
नाटो देशों और खाड़ी क्षेत्र के प्रतिनिधियों के बीच बैठक Not Allow West Bank to Occupied
US President Donald Trump का यह सख्त रुख ऐसे वक्त सामने आया है जब कतर की राजधानी दोहा में नाटो देशों और खाड़ी क्षेत्र के प्रतिनिधियों के बीच हाल ही में एक अहम बैठक हुई। उस बैठक में गाजा युद्ध को खत्म करने और मानवीय सहायता को लेकर चर्चा हुई थी। कई यूरोपीय देशों ने वेस्ट बैंक में इजरायल की नीतियों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। माना जा रहा है कि उसी दबाव का असर US President Donald Trump के इस वादे में झलकता है। साथ ही, अरब देशों के बीच भी यह संदेश देना जरूरी था कि अमेरिका पूरी तरह इजरायल के साथ खड़ा रहते हुए भी फिलिस्तीन के मूल मुद्दों को नजरअंदाज़ नहीं करेगा।
एक व्हाइट पेपर भी पेश किया Not Allow West Bank to Occupied
रिपोर्ट के अनुसार US President Donald Trump की टीम ने अरब नेताओं के सामने एक व्हाइट पेपर भी पेश किया। इसमें गाजा युद्ध को खत्म करने का एक खाका शामिल था। इसमें साफ तौर पर लिखा गया था कि अमेरिका वेस्ट बैंक के किसी भी संभावित विलय को मंजूरी नहीं देगा। इस दस्तावेज में युद्धविराम, मानवीय सहायता और भविष्य की शांति वार्ता के लिए संभावित रोडमैप भी शामिल था।
संकट को सुलझाने के लिए गंभीर Not Allow West Bank to Occupied
यह कदम संकेत देता है कि अमेरिकी राजनीति में चुनावी दबाव के बावजूद US President Donald Trump यह दिखाना चाहते हैं कि वे मध्य पूर्व संकट को सुलझाने के लिए गंभीर हैं। अरब देशों के प्रतिनिधियों ने US President Donald Trump के इस आश्वासन का स्वागत किया है। उनके लिए यह संदेश महत्वपूर्ण है कि अमेरिका सिर्फ इजरायल का समर्थन ही नहीं करता बल्कि अरब दुनिया की चिंताओं को भी समझता है। इजरायल की कार्रवाइयों पर संयुक्त राष्ट्र से लेकर यूरोपीय यूनियन तक सभी ने चिंता जताई है। ऐसे में US President Donald Trump का यह बयान बड़ा संदेश है।
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