Tampering of NEET-2025 OMR Sheet: गुरुवार (4 सितंबर) को सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी 2025 परीक्षा की ओएमआर शीट में छेड़छाड़ के आरोपों वाली एक याचिका को खारिज कर दिया। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस एएस चंदुरकर की खंडपीठ ने आंध्र प्रदेश की एक छात्रा द्वारा दायर इस याचिका पर सुनवाई की। छात्रा ने आरोप लगाया था कि परीक्षा के बाद उसे जो ओएमआर शीट दी गई, वह उसकी नहीं थी।
छात्रा ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की
याचिकाकर्ता के वकील, एडवोकेट मैथ्यूज जे. नेडुमपरा, ने अदालत में दलील दी कि छात्रा ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी और दावा किया था कि उसने 180 में से 171 प्रश्नों के सही उत्तर दिए थे। हालांकि, उसे प्राप्त ओएमआर शीट में केवल 11 उत्तर दर्ज थे। इसके अलावा, उस पर दर्ज हस्ताक्षर और अंगूठे का निशान भी उसके नहीं थे।
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केवल 11 प्रश्नों के उत्तर दिए Tampering of NEET-2025 OMR Sheet
वहीं, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि छात्रा ने वास्तव में केवल 11 प्रश्नों के उत्तर दिए थे, जिनमें से केवल दो सही थे। National Testing Agency ने यह भी स्पष्ट किया कि ओएमआर शीट परीक्षा कक्ष में ही पिंक लिफाफे में सील की जाती है और इस प्रक्रिया को दो अन्य छात्रों के हस्ताक्षर लेकर सत्यापित किया जाता है, जिसे याचिकाकर्ता ने कभी चुनौती नहीं दी थी।
याचिका को खारिज कर दिया Tampering of NEET-2025 OMR Sheet
आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने भी छात्रा के हस्ताक्षरों में असंगतियां पाई थीं और उसकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसी आदेश के खिलाफ छात्रा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत से आग्रह किया कि छात्रा को National Testing Agency के समक्ष अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए, लेकिन कोर्ट ने ऐसा कोई आदेश देने से इनकार कर दिया और याचिका को खारिज कर दिया।
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