परिजनों ने काटा अस्पताल में बवाल, अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग Memorial Hospital
जींद। Memorial Hospital : रोहतक रोड बाईपास स्थित कुलदीप मैमोरियल अस्पताल में उपचार के रुपये न मिलने पर प्रबंधन ने मृतका की डेड बॉडी को देने से मना करने से मना कर दिया गया। जिस पर परिजनों ने जमकर बवाल काटा। सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ पहले मुकद्मा दर्ज करने की बाद में डेड बॉडी उठाने तथा पोस्टमार्टम कराने की बात कही। फिलहाल सिविल लाइन थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मुकद्मा दर्ज होने तक डेड बॉडी को अस्पताल से उठाने तथा पोस्टमार्टम कराने से किया मना Memorial Hospital
जींद। Memorial Hospital : न्यू कृष्णा कालोनी निवासी बबली 40 को ब्रेन हेमरेज के चलते गत 26 फरवरी को रोहतक रोड बाईपास के कुलदीप मे भर्ती करवाया गया था। जिसकी वीरवार को मौत गई। जब परिजन डेड बॉडी लेने लगे तो हस्पताल प्रबधन ने ईलाज खर्च दो लाख 60 हजार रुपये की डिमाड की। परिजनो ने आरोप लगाया कि वे एक लाख 60 हजार रुपये पहले जाम करवा चूके है। वे बबली के हालातो मे सुधार न होने पर दूसरे हस्पताल ले जाना चाहते थे। हस्पताल प्रबधन ने बबली को वेटीलेटर पर बताया। अब बबली को मृत बता रहे और बिना इलाज खर्च दिए डेड बाडी देने से मना कर रहे हैं।
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सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई Memorial Hospital
जींद। Memorial Hospital : जिसको लेकर मृतका के परिजनों तथा रिश्तेदारो ने बवाल खडा कर दिया। सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले को शांत करने की कोशिश की। जिसके बाद परिजन पहले अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मुकद्मा दर्ज करने तथा डेड बॉडी उठाने व पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़ गए। मृतका की बेटी ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए लिखित में शिकायत देकर कार्रवाई का मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतका की बेटी कोमल ने बताया कि उसकी मां की आप्रेशन की बात कही थी। जिसका पैकेज दो लाख 60 हजार रुपये बताया गया था। एक लाख 60 हजार रुपये जमा करवा दिए गए थे। वह अपनी मां से मिलने आई थी। उसे मिलने नही दिया गया।
रुपयों के लालच मे उन्हे गुमराह किया गया Memorial Hospital
जींद। Memorial Hospital : जब उसने दूसरे हस्पताल ले जाने की बात कही तो बताया गया की उसकी मां की मौत हो चूकी है। बैगर ईलाज खर्च एक लाख 29 हजार रुपये दिए डेड बाडी नही देगे। उसने आरोप लगाया कि उसकी मां की मौत पहले हो चुकी थी। रुपयों के लालच मे उन्हे गुमराह किया गया है। शिकायत उन्हाने पुलिस को दी हैै। अस्पताल के डायरेक्टर दिपांकर ने कहा कि परिजनों को पहले ही बता दिया था कि महिला के बचने चांस बहुत कम है। अच्छे तरीके से लंबे समय तक इलाज किया। अब महिला की मौत हो गई तो इलाज खर्च देने की बजाय आरोप लगा कर दबाव बना रहे हंै। इलाज पर काफी कुछ हस्पताल का खर्च हुआ है। सिविल लाइन थाना के जांच अधिकारी समरजीत ने बताया कि मृतका की बेटी ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए शिकायत दी है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
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