Haryana Wheat Procurement Rules 2026 फतेहाबाद: हरियाणा में गेहूं की सरकारी खरीद का सीजन शुरू होने से ठीक पहले प्रदेश सरकार द्वारा अनाज मंडियों के लिए जारी किए गए नए नियमों ने किसानों की चिंता और आक्रोश को बढ़ा दिया है। पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर मंगलवार को किसानों ने फतेहाबाद मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचकर रोष जताया। किसानों ने मार्केट कमेटी सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। किसानों का स्पष्ट कहना है कि यदि इन तुगलकी फरमानों को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो किसान संगठन बड़ा आंदोलन छेडऩे को मजबूर होंगे।
कड़ी शर्तें लागू Haryana Wheat Procurement Rules 2026
किसानों ने बताया कि सरकार ने इस बार मंडी में फसल लाने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर अनिवार्य करने और किसानों की हाजिरी के लिए बायोमेट्रिक जैसी कड़ी शर्तें लागू कर दी हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट और सर्वर की समस्या के कारण अक्सर बायोमेट्रिक मशीनों में अंगूठे मैच नहीं होते, जिससे बुजुर्ग किसानों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कई किसानों के पास पुराने ट्रैक्टर हैं जिनके कागजात या नंबर प्लेट की औपचारिकताएं पूरी नहीं हैं, ऐसे में उन्हें फसल बेचने से रोकना अन्याय है। किसान पहले से ही बेमौसम बारिश, कीटों के हमले और बढ़ती लागत से परेशान है; ऐसे में नई पाबंदियां उन पर मानसिक और आर्थिक दबाव बना रही हैं। ज्ञापन सौंपने के दौरान समिति के प्रतिनिधिमंडल ने कड़े शब्दों में कहा कि किसान अपनी मेहनत की कमाई बेचने मंडी आता है, कोई खैरात मांगने नहीं।
खेती को पेचीदा बना रही Haryana Wheat Procurement Rules 2026
रविन्द्र सिंह हिजरावां खुर्द और लवी बाठ ने कहा, सरकार डिजिटल इंडिया के नाम पर खेती को पेचीदा बना रही है। जब किसान का पंजीकरण पहले से पोर्टल पर है, तो हर कदम पर नई बाधाएं क्यों खड़ी की जा रही हैं। ज्ञापन सौंपने के दौरान ब्लॉक प्रधान लवी बाठ, अमन बाठ, गुरप्रीत सिंह, सुरेश गढ़वाल, छबील दास, राघव बंगा, कुलदीप सिंह, गुरविंदर सिंह, सरवन सिंह, नरेन्द्र सिंह और रणजीत सिंह सहित भारी संख्या में किसान मौजूद रहे। मार्केट कमेटी सचिव ने किसानों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगें सरकार तक पहुंचा दी जाएंगी। हालांकि, किसान नेताओं ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि खरीद शुरू होने से पहले इन नियमों को वापस नहीं लिया गया, तो प्रशासन और सरकार किसी भी टकराव की स्थिति के लिए खुद जिम्मेदार होंगे।
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