रोहतक: Baba Mastnath University Rohtak अस्थल बोहर, रोहतक के गणित विभाग में “बीजगणित और कोडिंग सिद्धांत में इसके अनुप्रयोग” विषय पर एक विस्तारित व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विज्ञान संकाय के गणित विभाग के भौतिक विज्ञान क्लब द्वारा विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी (आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ) के सहयोग से आयोजित किया गया।
Baba Mastnath University Rohtak कार्यक्रम के मुख्य वक्ता महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के गणित विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जगबीर सिंह ने आधुनिक कोडिंग सिद्धांत में बीजगणितीय संरचनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को सरल और प्रभावी ढंग से समझाया। उन्होंने बताया कि डिजिटल संचार प्रणालियों में डेटा के सुरक्षित और विश्वसनीय संप्रेषण के लिए त्रुटि पहचान और त्रुटि सुधार तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिनका आधार बीजगणितीय सिद्धांतों पर आधारित होता है। डॉ. जगबीर सिंह ने बीजगणितीय कोडिंग सिद्धांत की मूलभूत अवधारणाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि बहुपद, परिमित क्षेत्र और अन्य बीजगणितीय विधियां विश्वसनीय संचार प्रणालियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कोडिंग सिद्धांत का उपयोग मोबाइल संचार, उपग्रह संचार, इंटरनेट डेटा ट्रांसमिशन तथा आधुनिक डेटा भंडारण तकनीकों में व्यापक रूप से किया जा रहा है।
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एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जगबीर सिंह ने डिजिटल संचार और डेटा सुरक्षा में बीजगणित की भूमिका बताई Baba Mastnath University Rohtak
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.एम. यादव तथा गणित विभागाध्यक्ष एवं रजिस्ट्रार प्रो. विनोद कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस अवसर पर अकादमिक मामलों के डीन प्रो. नवीन कुमार ने शोधार्थियों को शोध संबंधी चुनौतियों का गहन अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। वहीं विज्ञान संकाय के डीन प्रो. मनोज कुमार ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों और शोधार्थियों के ज्ञान को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में प्रो. प्रवीण भट्ट, प्रो. विनोद भाटिया, प्रो. कमल कुमार सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे। लगभग 60 से 70 प्रतिभागियों ने सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया तथा चर्चा सत्र के दौरान मुख्य वक्ता से प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम का आयोजन प्रो. संगीता मलिक, प्रभारी भौतिक विज्ञान क्लब, के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने कार्यक्रम के संयोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि कार्यक्रम की आयोजन सचिव प्रो. पूजा भाटिया रहीं। उनके प्रयासों से कार्यक्रम का सफल और सुचारू संचालन सुनिश्चित हुआ।

