Immigration Policies Challenged in Courts: US President Donald Trump ने अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़े निर्वासन कार्यक्रम के तहत लाखों लोगों को देश से बाहर निकालने का वादा किया है लेकिन उनकी कई आव्रजन नीतियों को अमेरिकी अदालतों में कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
युद्धकालीन कानून का उपयोग नहीं
उदाहरण के लिए, एक संघीय अपील अदालत ने पिछले सप्ताह फैसला सुनाया कि US President Donald Trump प्रशासन कथित वेनेजुएला गिरोह के सदस्यों को शीघ्रता से निर्वासित करने के लिए 18वीं सदी के युद्धकालीन कानून का उपयोग नहीं कर सकता। संभवत: यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचेगा। US President Donald Trump प्रशासन की कुछ नीतियां लाखों लोगों को प्रभावित कर सकती हैं। US President Donald Trump प्रशासन ने 1798 के एलियन एनिमीज़ एक्ट का उपयोग ‘‘ट्रेन डी अरगुआ’’ नामक गिरोह के सदस्यों को विदेशी आक्रांता मानते हुए निष्कासित करने के लिए किया। इन लोगों को एल सल्वाडोर की एक कुख्यात जेल में भेजा गया।
कानून आपराधिक गिरोहों पर लागू नहीं
बहरहाल, पांचवें सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने अपने निर्णय में कहा कि यह कानून आपराधिक गिरोहों पर लागू नहीं होता। एसीएलयू के वकील ली गेलरंट ने इसे अदालत की निगरानी के बिना आपात स्थिति घोषित करने के प्रशासन के प्रयासों पर लगाम लगाने वाला फैसला बताया। वहीं, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एबिगेल जैकसन ने कहा कि राष्ट्रपति को आतंकवादियों को हटाने और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने का अधिकार है।
कार्यकारी आदेश जारी किया Immigration Policies Challenged in Courts
एक अन्य नीति के तहत US President Donald Trump ने 14वें संशोधन की व्याख्या को बदलने के लिए एक कार्यकारी आदेश जारी किया, जिसके तहत अवैध या अस्थायी वीजा पर अमेरिका में मौजूद माता-पिता से जन्मे बच्चों को नागरिकता देने से इनकार किया गया। वॉशिंगटन, एरिज़ोना, इलिनॉय और ओरेगन जैसे राज्यों ने इस आदेश को चुनौती दी, और संघीय अपीलीय अदालत ने जुलाई में इस आदेश को असंवैधानिक ठहराया।
जन्म लेने के कारण अमेरिकी नागरिक
सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी कि सैन फ्रांसिस्को में चीनी माता-पिता से जन्मा बच्चा अमेरिकी धरती पर जन्म लेने के कारण अमेरिकी नागरिक है। सैन फ्रांसिस्को की एक संघीय अपील अदालत ने जुलाई के अंत में फैसला सुनाया कि US President Donald Trump का आदेश असंवैधानिक है, और न्यू हैम्पशायर की निचली अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा जिसने इस आदेश को देश भर में लागू होने से रोक दिया था। US President Donald Trump प्रशासन ने उन आप्रवासियों को एल साल्वाडोर और दक्षिण सूडान जैसे देशों में भेजना शुरू किया जिनका उन देशों से कोई संबंध नहीं है।
हिंसक अपराधों के दोषी Immigration Policies Challenged in Courts
US President Donald Trump के अधिकारियों ने कहा है कि ये अप्रवासी अक्सर ऐसे देशों से आते हैं जो उन्हें वापस नहीं लेते या हिंसक अपराधों के दोषी पाए गए हैं। इस साल वकालत करने वाले समूहों ने यह तर्क देते हुए मुकदमा दायर किया कि लोगों के उचित प्रक्रिया अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और अप्रवासियों को उन देशों में भेजा जा रहा है जहाँ मानवाधिकारों के उल्लंघन का लंबा इतिहास रहा है। मार्च में एक संघीय न्यायाधीश ने इस नीति को अस्थायी रूप से रोका था, लेकिन जून में सुप्रीम कोर्ट ने उसे पलटते हुए प्रशासन को निर्वासन जारी रखने की अनुमति दे दी। एसवातिनी भेजे गए पांच व्यक्तियों के वकीलों ने कहा कि उन्हें बिना आरोप या वकील तक पहुंच के जेल में रखा गया है।
ट्रंप प्रशासन पर नस्लीय प्रोफाइलिंग का आरोप
इस साल के शुरू में दक्षिण कैलिफोर्निया में किए गए व्यापक छापों के दौरान US President Donald Trump प्रशासन पर नस्लीय प्रोफाइलिंग का आरोप लगा। संघीय अदालत ने प्रशासन को लॉस एंजेलिस सहित सात काउंटी में इस तरह की कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया। यह आदेश संविधान के उल्लंघन के आधार पर दिया गया था। US President Donald Trump प्रशासन ने इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। ऐसे कार्यक्रमों को US President Donald Trump प्रशासन ने सख्ती से समाप्त करने का प्रयास किया जो संकटग्रस्त देशों के नागरिकों को अमेरिका में अस्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति देते हैं।
15 लाख से अधिक लोग अमेरिका
अस्थायी संरक्षित दर्जा (टीपीएस) और मानवीय पैरोल के तहत 15 लाख से अधिक लोग अमेरिका में रह रहे हैं। मई में सुप्रीम कोर्ट ने US President Donald Trump प्रशासन को मुकदमे के लंबित रहते हुए इन कार्यक्रमों को समाप्त करने की अनुमति दी, जिससे लाखों लोगों पर निर्वासन का खतरा मंडरा गया। हालांकि यूएस डिस्ट्रिक्ट जज एडवर्ड चेन ने वेनेजुएला और हैती के 11 लाख नागरिकों के लिए टीपीएस बहाल कर दिया और कहा कि घरेलू सुरक्षा मंत्री के पास इसे रद्द करने का कानूनी अधिकार नहीं था।
तेजी से देश से निकालने की प्रक्रिया का विस्तार Immigration Policies Challenged in Courts
जनवरी में, US President Donald Trump प्रशासन ने तेजी से देश से निकालने की प्रक्रिया का विस्तार किया, जिससे उन प्रवासियों को न्यायिक सुनवाई के बिना देश से निकाला जा सकता है जो अवैध रूप से आए और दो वर्षों से कम समय से अमेरिका में हैं। यूएस डिस्ट्रिक्ट जज जिया कॉब ने अगस्त में इस विस्तार को यह कहते हुए अस्थायी रूप से रोक दिया कि यह व्यक्तियों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। उन्होंने एक अन्य मामले में मानवीय पैरोल के तहत आए लोगों के भी त्वरित निर्वासन को अस्थायी रूप से रोक दिया।
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