Siddaramaiah Lobby: कर्नाटक में मुख्यमंत्री बनने की इंतजार कर रहे उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के पीछे सिद्धारमैया लॉबी पड़ गई है। वजह ये है कि शिवकुमार ने श्रद्धा भाव के साथ आरएसएस की प्रार्थना की दो पंक्तियां विधानसभा में पढ़ दी थीं। इसी को लेकर कांग्रेस के कई विधायक नाराज हैं। यही नहीं कोई डीके शिवकुमार से माफी की मांग कर रहा है तो किसी ने हाईकमान से ऐक्शन की बात ही उठा दी है। डीके शिवकुमार ने नेता विपक्ष आर अशोक से बातचीत के दौरान आरएसएस की ओर से राज्य में स्कूलों और कई सामाजिक संस्थाएं खोलने का जिक्र करते हुए तारीफ की थी। इसके अलावा आरएसएस की प्रार्थना की भी दो पंक्तियां सुनाई थीं।
सिद्धारमैया कैंप को भी हावी होने का मौका Siddaramaiah Lobby
इस मामले के चलते सिद्धारमैया कैंप को भी हावी होने का मौका मिल गया है, जो डीके शिवकुमार की सीएम पद की दावेदारी को लेकर असहज रहा है। जरकिहोली को भी सिद्धारमैया खेमे का नेता माना जाता है। डीके शिवकुमार ने कहा कि यह सवाल तो उठता ही है क्या डीके शिवकुमार ने जो किया, वह राहुल गांधी की लाइन पर है। डीके शिवकुमार ने कहा कि कुछ मामलों को डीके शिवकुमार समझते ही नहीं हैं। उम्मीद है कि वह कुछ सीखेंगे। हालांकि जरकिहोली ने एक दिन पहले ही डिप्टी सीएम का बचाव भी किया था।
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डीके शिवकुमार ने कहा Siddaramaiah Lobby
डीके शिवकुमार ने कहा था कि आरएसएस की प्रार्थना तो मैं भी पढ़ लूंगा। लेकिन क्या वे मुझे सीएम बना देंगे? यही नहीं उन्होंने कहा था कि हमेशा किसी का विरोध ही नहीं किया जा सकता। यह कहना सही नहीं है कि आरएसएस की प्रार्थना पढ़ ली तो अब डीके शिवकुमार भाजपा में ही शामिल हो जाएं। इसमें कुछ गलत नहीं है। वह सब जानते हैं। हमारे पास हमेशा काउंटर इंटेलिजेंस होना चाहिए। यानी विरोधी खेमे के बारे में भी पता होना चाहिए। वहीं हरिप्रसाद ने कहा कि डीके शिवकुमार को जो करना है करें। लेकिन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने जो किया है, वह गलत था। हम इसका विरोध करते हैं।
हाईकमान और सीएम सिद्धारमैया के ऊपर है Siddaramaiah Lobby
अब इस मामले में वह पार्टी के अंदर ही घिर गए हैं। राज्य के पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जरकिहोली का कहना है कि हाईकमान और सीएम सिद्धारमैया के ऊपर है कि वह डीके शिवकुमार पर इस हरकत के लिए क्या ऐक्शन लेते हैं। इसके अलावा एमएलसी बीके हरिप्रसाद का कहना है कि डीके शिवकुमार को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवकुमार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। कम से कम यह स्पष्ट होना चाहिए कि उन्होंने पार्टी नेता के तौर पर नहीं बल्कि निजी स्तर पर यह प्रार्थना पढ़ी थी। वहीं जरकिहोली ने कहा कि हम अपने स्तर पर तो कुछ नहीं कर सकते। इस मामले में हाईकमान को ही फैसला लेना है।
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