चंडीगढ़: Kumari Selja on Haryana recruitment सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, सीडब्ल्यूसी की मेंबर एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने हरियाणा में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी, पेपर लीक, लंबे समय तक भर्तियों का लंबित रहना और चयन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवाल युवाओं में भारी निराशा पैदा कर रहे हैं।
असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) भर्ती में अनारक्षित वर्ग की 67 पोस्ट में से 7 पद खाली Kumari Selja on Haryana recruitment

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Kumari Selja on Haryana recruitment कुमारी सैलजा ने कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) भर्ती में अनारक्षित वर्ग की 67 पोस्ट में से 7 पद खाली छोड़ दिए गए, जबकि चयनित 60 अभ्यर्थियों में से 41 दूसरे राज्यों से चुने गए। वहीं असिस्टेंट प्रोफेसर (साइकोलाजी) के 85 पदों के लिए लगभग 400 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, लेकिन केवल 3 अभ्यर्थियों को ही पास घोषित किया गया। यह स्थिति भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और सरकार की नीयत दोनों पर सवाल खड़े करती है। सांसद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी राज्य के युवाओं के खिलाफ नहीं है, लेकिन हरियाणा के लाखों मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं को लगातार नजरअंदाज किया जाना बेहद चिंताजनक है। प्रदेश के युवाओं को निष्पक्ष अवसर और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया मिलना उनका अधिकार है।
योग्य युवाओं को अवसर क्यों नहीं मिल रहा Kumari Selja on Haryana recruitment
Kumari Selja on Haryana recruitment कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर भर्ती प्रक्रिया में कौन-से मापदंड अपनाए जा रहे हैं, पद खाली क्यों छोड़े जा रहे हैं और योग्य युवाओं को अवसर क्यों नहीं मिल रहा। सरकार की जिम्मेदारी केवल भर्ती निकालना नहीं, बल्कि युवाओं के विश्वास और भविष्य की रक्षा करना भी है। कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा का युवा आज बेरोजगारी, पेपर लीक और अपारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं से परेशान है। वर्षों तक कठिन मेहनत और तैयारी करने वाले युवाओं का मनोबल लगातार टूट रहा है। भाजपा सरकार को युवाओं की भावनाओं और उनके आत्मसम्मान के साथ खिलवाड़ बंद करना चाहिए।
Kumari Selja on Haryana recruitment भर्तियों पर पहले भी उठते रहे हैं सवाल हरियाणा में पिछले कई वर्षों से सरकारी भर्तियों (एचएसएससी और एचपीएससी ) को लेकर सवाल उठते रहे हैं, जिनमें पेपर लीक, धांधली, बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को वरीयता और कोर्ट द्वारा भर्तियां रद्द किए जाने के मामले प्रमुख हैं। हाल ही में, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कॉलेज कैडर असिस्टेंट प्रोफेसर (इंग्लिश) की भर्ती (विज्ञापन संख्या 48/2024) को रद्द कर दिया है। 613 पदों के लिए मात्र 151 उम्मीदवार पास हुए थे, जिस पर 35 प्रतिशत क्राइटेरिया को गलत बताते हुए सवाल उठे।
एचपीएससी में धांधली के आरोप Kumari Selja on Haryana recruitment
एचपीएससी में धांधली के आरोप (2025) में भी लगे। असिस्टेंट प्रोफेसर (पॉलिटिकल साइंस) के पेपर की सील टूटी मिलने और एग्जाम सेंटर में जैमर न होने जैसी खामियों पर सवाल उठे। इसके अलावा, नायब सैनी सरकार द्वारा 27 एचसीएस अधिकारियों को आईएएस में पदोन्नत करने के फैसले पर भी विवाद हुआ। हरियाणा में 1500 करोड़ रुपये के लेबर वर्क स्लिप घोटाले में लाखों फर्जी मजदूरों का मामला सामने आया। सरकारी नौकरियों में सामाजिक-आर्थिक मानदंड (5 नंबर) के आधार पर अंकों को लेकर हाई कोर्ट ने सवाल उठाए थे, जिसे बाद में असंवैधानिक बताया गया, जिससे हजारों पुरानी भर्तियां प्रभावित हुईं। सांसद ने मांग की कि पूरी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष और पारदर्शी समीक्षा कराई जाए, चयन मानकों को सार्वजनिक किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी योग्य अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो। कांग्रेस पार्टी हमेशा युवाओं के अधिकार, सम्मान और रोजगार के मुद्दों पर उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
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