सीतापुर: सीतापुर की एक अदालत ने 38 वर्षीय व्यक्ति को अपनी सात वर्षीय भतीजी से दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या करने के जुर्म में मौत की सजा सुनाई। एक शासकीय अधिवक्ता ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम से संबंधित मामलों पर सुनवाई करने वाली अदालत के जिला न्यायाधीश भागीरथ वर्मा ने बृहस्पतिवार को आरोपी नीलू को दोषी ठहराते हुए उस पर 13,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अदालत ने इस मामले को ‘‘दुर्लभ से दुर्लभतम’’ की श्रेणी में रखा और कहा कि आरोपी समाज के लिए एक खतरा है।न्यायाधीश वर्मा ने अपने फैसले में कहा, ‘‘एक मासूम बच्ची से हुई यह क्रूर घटना मानवता को शर्मसार करती है और ऐसे अपराधियों को जीने का कोई अधिकार नहीं है।’’अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता गोविंद मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया कि यह घटना जनवरी 2019 में सीतापुर जिले के इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र में हुई थी।
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उन्होंने बताया कि बच्ची का चाचा आरोपी नीलू ने अपनी सात वर्षीय भतीजी से दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर शव को सरायन नदी में फेंक दिया था।मिश्रा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 302 (हत्या), 364 (हत्या के लिए अपहरण), 376एबी (12 वर्ष से कम आयु की बच्ची से दुष्कर्म) और पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
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