Concerns Over Terrorist Presence: पाकिस्तान, चीन, ईरान और रूस ने अफगानिस्तान में आतंकवादी समूहों की मौजूदगी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। चारों देशों ने संयुक्त बयान में अल-कायदा, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) जैसे आतंकी समूहों के नामों का उल्लेख किया है। इन देशों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के दौरान रूस के तत्वावधान में आयोजित अफगानिस्तान पर अपनी चौथी चतुर्पक्षीय बैठक के बाद यह बयान जारी किया।
बैठक के समापन होते ही जारी किया गया Concerns Over Terrorist Presence
पाकिस्तान के जियो न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, यह बयान बैठक के समापन होते ही जारी किया गया। चारों देशों ने बिगड़ते अफगान हालात की समीक्षा की और चेतावनी दी कि आतंकवादी समूह क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। बयान में अफगान शासकों से आतंकवादी समूहों के खिलाफ प्रभावी कदम और इनके प्रशिक्षण शिविरों को नष्ट करने का आग्रह किया गया।
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आतंकवादी घटनाओं में वृद्धि हुई Concerns Over Terrorist Presence
पाकिस्तान का आरोप है कि 2021 में तालिबान शासकों की अफगानिस्तान में वापसी के बाद सीमा पार से होने वाली आतंकवादी घटनाओं में वृद्धि हुई है। दोनों देश लगभग 2,500 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं। इसमें कई क्रॉसिंग पॉइंट हैं।
मुक्त के रूप में समर्थन देने की पुष्टि Concerns Over Terrorist Presence
संयुक्त वक्तव्य में अफगानिस्तान को एक स्वतंत्र, एकजुट और शांतिपूर्ण राज्य, आतंकवाद, युद्ध और नशीले पदार्थों से मुक्त के रूप में समर्थन देने की पुष्टि की गई। चारों पक्षों ने अफीम की खेती को कम करने के काबुल के प्रयासों का स्वागत किया, लेकिन मेथामफेटामाइन जैसी सिंथेटिक दवाओं के बढ़ते चलन पर चिंता व्यक्त की।
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