Digital Samaaj कैथल। cyber fraud whatsapp challan एस पी कैथल ने साइबर अपराध से सचेत करते हुए बताया कि साइबर ठगों ने अब ठगी का नया तरीका इजाद किया है। जालसाज खुद को आरटीओ अधिकारी बताकर लोगों को व्हाट्सऐप पर ट्रैफिक चालान के नाम पर एक एपीके फाइल भेज रहे हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड और ओपन करता है तो उसका मोबाइल फोन हैक हो जाता है, जिससे ठग बैंकिंग डिटेल्स, व्यक्तिगत जानकारियां और ओटीपी आदि तक पहुंच बना लेते हैं और आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं। ठग व्हाट्सएप्प को हैक करके आपके निजी सभी व्हाट्सप्प ग्रुप में भी वह एपीके फाइल डाल देते है, ताकि और लोग उस फाइल को डाउनलोड करें तथा उनको ठगी के लिए नया शिकार ढूंढ सके। एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि पुलिस लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए है, लेकिन आमजन की सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने नागरिकों को जागरूक करते हुए निम्न हिदायत दी।
अनजान लिंक या एपीके फाइल को फोन में डाउनलोड न करें cyber fraud whatsapp challan
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cyber fraud whatsapp challan किसी भी अनजान लिंक या एपीके फाइल को फोन में डाउनलोड न करें। व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया पर आए चालान संबंधी संदेशों पर विश्वास न करें। आरटीओ चालान केवल सरकार की आधिकारिक पोर्टल/वेबसाइट या एम परिवहन और ई चालान जैसे अधिकृत ऐप पर ही देखें। अगर आपने फाइल डाउनलोड कर ली है तो सबसे पहले अपने फोन का नेट बंद करें। उसके बाद उस ऐप को ढूंढकर डिलीट करें। एसपी ने कहा की किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी थाना/साइबर पुलिस स्टेशन पर दें। जिला पुलिस अधीक्षक ने अपील की कि नागरिक सतर्क और जागरूक रहकर ही साइबर ठगी से स्वयं को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।
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