कर्नाटक: प्याज की कीमत में आई गिरावट, किसानों की मुश्किलें बढ़ीOnion prices fall in Karnataka

धारवाड़/नवलगुंड:Onion prices fall in Karnatakaकर्नाटक में प्याज की खेती करने वाले किसान कभी इसे अपने लिए ‘लाल सोना’ मानते थे। यह उनके लिए समृद्धि का प्रतीक माना जाता था, लेकिन अब प्याज की कीमत में आई भारी गिरावट ने उन्हें आर्थिक संकट में डाल दिया है।कर्नाटक के धारवाड़ जिले के कुंदागोल, नवलगुंड और धारवाड़ तालुकों में प्याज की खेती बड़े पैमाने पर होती है। पिछले साल यहां प्याज 6,000 से 7,000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकी थी, लेकिन इस साल कीमतें 500-1,000 रुपये प्रति क्विंटल तक लुढ़क गई हैं। इससे किसान मायूस हैं।किसानों के मुताबिक, भारी बारिश के बावजूद किसानों ने महीनों की मेहनत से प्याज की कटाई और सुखाई पूरी की, लेकिन एपीएमसी यार्ड में क्विंटलों प्याज लाने के बाद भी उन्हें उचित दाम नहीं मिल रहा। सफाई, पैकिंग और बाजार तक ले जाने का खर्च मुनाफे से ज्यादा पड़ रहा है। कई गांवों से प्याज आई है, फिर भी किसानों को घाटा हो रहा है।
एक स्थानीय किसान बसवराज कहते हैं,सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देना चाहिएOnion prices fall in Karnataka
एक स्थानीय किसान बसवराज कहते हैं, “पिछले साल अच्छा दाम मिला था, लेकिन इस बार तो लागत भी वसूल नहीं हो रही। सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देना चाहिए।”अन्य किसान निंगप्पा बताते हैं, “हमारी मेहनत पर पानी फिर गया। निर्यात की अनुमति मिले, ताकि दाम बढ़ें।” किसान सरकार से प्याज के निर्यात पर लगी रोक हटाने और एमएसपी लागू करने की मांग कर रहे हैं। कम दामों से वे अतिरिक्त आर्थिक बोझ से जूझ रहे हैं।उनके मुताबिक, पिछले सालों में प्याज ने किसानों को अच्छा मुनाफा दिया था। कीमतें चढ़ने पर एक किसान ने ‘सुनहरा प्याज’ बनाकर सफलता का जश्न मनाया था।
Related Posts
- Ravindra Jaiswal बनारस में बिकने वाले पान के पत्ता की पैदावार यही के किसान करें : रविन्द्र जायसवाल
- SIT in fake degree case फर्जी डिग्री केस मामले में एसआईटी 14 विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों की भूमिका की करेगी जांच
- लखनऊ में यूजीसी के खिलाफ सवर्णों ने प्रदर्शन किया Upper castes protest against UGC in Lucknow
उत्पादन लागत से कम दाम मिलने से स्थिति गंभीर हो गई हैOnion prices fall in Karnataka
लेकिन इस बार उत्पादन लागत से कम दाम मिलने से स्थिति गंभीर हो गई है। एपीएमसी मंडियों में भीड़ बढ़ रही है, पर लाभ की उम्मीद कम हो रही है।वहीं, किसान संगठन मांग कर रहे हैं कि सरकार बाजार को स्थिर करे और उनकी फसल का सही मूल्य सुनिश्चित करे। धारवाड़ के कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अतिरिक्त उत्पादन और निर्यात नीति की कमी ने इस संकट को बढ़ाया है। प्रशासन से अपील की जा रही है कि किसानों को राहत देने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं, वरना यह ‘लाल सोना’ उनके लिए अभिशाप बन सकता है।
Read Also: Karva Chauth 2025 Ritual: जानें करवा चौथ 2025 की तिथि, चंद्रोदय का समय, मुहूर्त और अनुष्ठान
Read Also: Karva Chauth 2025 करवा चौथ पूजन मुहूर्त सुबह 5:16 बजे से शाम 6:29 बजे तक
Read Also: Greetings on Maharishi Valmiki Jayanti: अमित शाह समेत कई नेताओं ने दी महर्षि वाल्मीकि जयंती की बधाई
Read Also: Maharashtra : बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भेजी गई राहत सामग्री, सरकार ने दिया मदद का भरोसा
Read Also: Children shot in Texas: टेक्सास में मां ने अपने ही चार बच्चों पर गोलियां चलाईं, दो की मौत
Read Also: Mallikarjun Kharge Health Deteriorates: मल्लिकार्जुन खरगे की तबीयत बिगड़ी, आधी रात ले जाए गए अस्पताल
Follow Us: X (Twitter) Cleck Here
Related Posts
- Ravindra Jaiswal बनारस में बिकने वाले पान के पत्ता की पैदावार यही के किसान करें : रविन्द्र जायसवाल
- SIT in fake degree case फर्जी डिग्री केस मामले में एसआईटी 14 विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों की भूमिका की करेगी जांच
- लखनऊ में यूजीसी के खिलाफ सवर्णों ने प्रदर्शन किया Upper castes protest against UGC in Lucknow

