Rohtak PGI : सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 14 साल के बच्चे ने किया अंगदान, दोनों किडनी, लीवर और आंखें डोनेट Rohtak PGI Organ Donation News Hindi

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रोहतक। Rohtak PGI Organ Donation News Hindi झज्जर जिले के 14 वर्षीय एक मासूम ने मौत के बाद भी मानवता की ऐसी मिसाल कायम कर दी, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद पीजीआईएमएस रोहतक में बच्चे को ब्रेन स्टेम डेड घोषित किया गया। गहरे दुख के बीच परिजनों ने अंगदान का फैसला लेते हुए बच्चे के दोनों गुर्दे, लीवर और दोनों कॉर्निया दान कर दिए, जिससे 6 लोगों को नया जीवन मिलेगा।

Rohtak PGI Organ Donation News Hindi रविवार को पीजीआईएमएस रोहतक के ट्रॉमा सेंटर में मासूम को अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान 21 गार्डों ने सावधान की मुद्रा में खड़े होकर सलामी दी। डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, वार्ड बॉय और कर्मचारियों की आंखें नम थीं। पूरे ट्रॉमा सेंटर में भावुक माहौल बना रहा। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल और निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल परिजनों से मिले और उन्हें ढांढस बंधाया। दादी को पोते के पार्थिव शरीर से लिपटकर रोता देख कुलपति भी भावुक हो उठे। उन्होंने परिवार से कहा कि आपका बेटा अब कई परिवारों की उम्मीद बन गया है। 20 मई को बच्चे को गंभीर हालत में पीजीआईएमएस लाया गया था। आईसीयू इंचार्ज डॉ. तरुण यादव और उनकी टीम ने लगातार उपचार किया। नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. अंकुर गोयल की टीम ने भी उपचार में सहयोग किया, जिससे बच्चे की किडनी की स्थिति में सुधार आया। हालांकि बाद में विशेषज्ञ कमेटी ने सभी मेडिकल प्रोटोकॉल पूरे करने के बाद बच्चे को ब्रेन स्टेम डेड घोषित कर दिया।

परिजनों को अंगदान के महत्व के बारे में समझाया Rohtak PGI

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Rohtak PGI Organ Donation News Hindi सोटो हरियाणा के नोडल अधिकारी डॉ. सुखबीर सिंह ने बताया कि परिजनों को अंगदान के महत्व के बारे में समझाया गया, जिसके बाद परिवार इस नेक कार्य के लिए तैयार हो गया। झज्जर, रोहतक और दिल्ली पुलिस ने मिलकर ग्रीन कॉरिडोर बनाया, जिसके जरिए अंगों को तय समय में पहुंचाया गया। करीब 70 किलोमीटर की दूरी 48 मिनट में पूरी की गई। कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने बताया कि दोनों किडनियां पीजीआईएमएस के मरीजों को प्रत्यारोपित की गई हैं, जबकि लीवर दिल्ली भेजा गया। दोनों कॉर्निया से भी दो लोगों को रोशनी मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह परिवार पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया है। निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने कहा कि यह केवल अंगदान नहीं, बल्कि मानवता के लिए एक महान यज्ञ है। इस परिवार ने अपने दुख के बीच जो निर्णय लिया है, वह हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि एक मां-बाप ने अपने कलेजे के टुकड़े की आहुति देकर समाज को अंगदान के प्रति नई सोच दी है। इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र जाखड़, डॉ. पंकज छिक्कारा, डॉ. योगेश, डॉ. अंकुर, डॉ. विवेक ठाकुर, डॉ. गौरव, दीप्ति, राजेश भड़, रोहित, संजय कादयान और टीओ दिलबाग सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

बाप की आखिरी अपील: ‘अंधविश्वास मत पालो’ Rohtak PGI Organ Donation News Hindi

एम्बुलेंस में बैठने से पहले पिता ने कांपती आवाज में कहा, “मौत तो सबको आनी है, लेकिन जाते-जाते अगर किसी की जिंदगी बचाई जा सके तो इससे बड़ा धर्म कोई नहीं। मेरे बेटे ने यह कर दिखाया। मैं सभी लोगों से हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि ब्रेन स्टेम डेड होने पर अंगदान का फैसला लें।”

“मेरा राजा बेटा अब 6 घरों का राजा बनेगा” Rohtak PGI Organ Donation News Hindi

मासूम की दादी ने नम आंखों से कहा, “मेरा राजा बेटा अब 6 घरों का राजा बनेगा।” दादी को सांत्वना देते समय कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल भी भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि आपका पोता कई लोगों को नई जिंदगी देकर अमर हो गया है।

पूरी रात चली कानूनी प्रक्रिया : डॉ. कुंदन मित्तल Rohtak PGI Organ Donation News Hindi

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल ने बताया कि ब्रेन डेड कमेटी में निश्चेतना विभाग से डॉ. तरुण यादव, सर्जरी विभाग से डॉ. महिपाल और न्यूरोसर्जरी विभाग से डॉ. अमरनाथ शामिल थे। कमेटी ने करीब 6 घंटे के अंतराल पर दो बार सभी जरूरी टेस्ट किए। एप्निया टेस्ट और ब्रेन स्टेम रिफ्लेक्स टेस्ट के बाद ही बच्चे को ब्रेन स्टेम डेड घोषित किया गया। उन्होंने बताया कि अंग आवंटन और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए टीम पूरी रात जुटी रही। सुबह से ही रोहतक पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाने की तैयारी शुरू कर दी थी, ताकि अंगों को समय पर पहुंचाया जा सके।

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