कैथल Kaithal Drug Control जिले में नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लघु सचिवालय में एडीसी डा. सुशील कुमार की अध्यक्षता में नार्को को-ऑर्डिनेशन सेंटर की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें पुलिस, स्वास्थ्य और खेल विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान नशा मुक्ति, एनफोस्मेंट और जन-जागरूकता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए ‘स्टेट एक्शन प्लान’ के तहत सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए। एडीसी डा. सुशील कुमार ने खेल विभाग तथा पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा के मद्देनजर जर्जर और कंडम घोषित सरकारी भवनों को ध्वस्त किया जाए। क्योंकि ऐसी खाली और जर्जर इमारतें अक्सर नशेडिय़ों के लिए ठिकाना बन जाती हैं।
नशा मुक्ति केंद्रों की निगरानी और युवाओं पर विशेष नजर रखने के निर्देश Kaithal Drug Control
इसलिए इन असुरक्षित ढांचों को गिराने की प्रक्रिया में तेजी लाएं। खेल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खिलाडिय़ों पर सख्त निगरानी रखें कि वे इंजेक्शन या स्टेरॉयड आदि का उपयोग न करें। अप्रैल महीने में ब्लॉक स्तर पर 16 से 20 वर्ष आयु वर्ग के खिलाडय़िों के लिए विशेष जागरूकता सेमिनार आयोजित किए जाएं। बैठक में नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन और रिकॉर्ड प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। एडीसी सुशील कुमार ने निर्देश दिए कि नशा मुक्ति केंद्र और मनोवैज्ञानिक की ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों का रिकॉर्ड रखा जाए। बाहरी राज्यों, विशेषकर पंजाब से आने वाले मरीजों और बीच में इलाज छोडऩे वाले व्यक्तियों का पूरा रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए।
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केंद्रों का दोबारा औचक निरीक्षण किया जाए Kaithal Drug Control
मार्च के अंत में इन केंद्रों का दोबारा औचक निरीक्षण किया जाए। डीएसपी कुलदीप बेनीवाल ने बताया कि नशीली दवाओं की कथित अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए हाल ही में गुहला-चीका क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल और कैथल के ड्रग कंट्रोल अधिकारियों की टीमों ने 47 मेडिकल स्टोर्स की जांच की। जांच में अवैध ड्रग नहीं मिली, लेकिन अनियमितताएं पाए जाने पर दो मेडिकल स्टोर्स को मौके पर ही सील कर दिया गया। एडीसी ने निर्देश दिए कि नशा छोड़ चुके लोगों की प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाकर समाज में जागरूकता बढ़ाई जाए। गांव में जागरूकता लाने के लिए सरपंचों का सहयोग लिया जाए। ब्लॉक स्तर पर सरपंचों व पुलिस विभाग की संयुक्त बैठकें आयोजित कर ग्रामीण क्षेत्रों में नशे की सप्लाई चेन को तोडऩे के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जाए। इस अवसर पर डीएसपी कुलदीप बेनीवाल, सिविल सर्जन डा. रेणु चावला, डीडीपीओ रितु लाठर सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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