Mahavir Jayanti 2026: नई दिल्ली में Grand श्रद्धांजलि कार्यक्रम, भगवान महावीर को अर्पित किए श्रद्धासुमन
नई दिल्ली:Mahavir Jayanti 2026 महावीर जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ, नई दिल्ली द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। संघ के राष्ट्रीय महामंत्री शिक्षाविद् दयानंद वत्स भारतीय ने मुख्यालय बरवाला में भगवान महावीर को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
Mahavir Jayanti 2026: महावीर के सिद्धांत आज भी Relevant, अहिंसा और सहअस्तित्व से मानव कल्याण संभव
दयानंद वत्स भारतीय ने कहा कि भगवान महावीर के सिद्धांत ‘अहिंसा परमो धर्म’ और ‘जियो और जीने दो’ आज भी मानवता के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि इन शिक्षाओं का अनुसरण करके ही मानव और विश्व का कल्याण संभव है।
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Mahavir Jayanti 2026: वैश्विक हिंसा और युद्ध पर चिंता, मानवता के सामने गंभीर चुनौती

उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज विश्व में हिंसा, संघर्ष और युद्ध के हालात बने हुए हैं। निर्दोष लोगों की जान जा रही है और महाशक्तियां अपने प्रभुत्व विस्तार के लिए संसाधनों पर कब्जा करने की होड़ में लगी हैं, जो मानवता के लिए गंभीर चुनौती है।
Mahavir Jayanti 2026: अहिंसा और सहअस्तित्व अपनाने का आह्वान, विश्व शांति का सशक्त संदेश
वत्स ने आह्वान किया कि ऐसे समय में समाज को भगवान महावीर की शिक्षाओं को अपनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अहिंसा और सहअस्तित्व के मार्ग पर चलकर ही विश्व में शांति और सद्भाव स्थापित किया जा सकता है।
Mahavir Jayanti 2026: ‘जियो और जीने दो’ का Powerful संदेश, शांति और भाईचारे का संकल्प

वक्ताओं ने यह भी कहा कि यदि समाज के प्रत्येक व्यक्ति द्वारा ‘जियो और जीने दो’ की भावना को अपनाया जाए, तो न केवल व्यक्तिगत जीवन में शांति आएगी, बल्कि समाज में भी सौहार्द और भाईचारा मजबूत होगा। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने भगवान महावीर के बताए मार्ग पर चलने और अहिंसा, प्रेम एवं सहअस्तित्व के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
Mahavir Jayanti 2026: महावीर के सिद्धांत आज भी Powerful, हिंसा और तनाव के बीच मानवता को नई दिशा
इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने भगवान महावीर के उपदेशों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बढ़ती हिंसा, असहिष्णुता और तनावपूर्ण जीवनशैली के बीच महावीर के सिद्धांत मानवता को एक नई दिशा प्रदान कर सकते हैं। उनके द्वारा दिया गया अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और करुणा का संदेश न केवल व्यक्तिगत जीवन को संतुलित बनाता है, बल्कि समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है।
Mahavir Jayanti 2026: युवाओं को अपनाने का आह्वान, अहिंसा और सद्भाव से बेहतर भविष्य का संकल्प

वक्ताओं ने कहा कि यदि इन मूल्यों को शिक्षा और सामाजिक जीवन में अपनाया जाए, तो आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर और शांतिपूर्ण वातावरण मिल सकता है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे भगवान महावीर के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और समाज में प्रेम, सहिष्णुता और सद्भाव को बढ़ावा दें।कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में अहिंसा के मार्ग पर चलने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प दोहराया।
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