ABVP Mission Sahasi डर को हराना पहली ज़रूरत…” सोनीपत में थमेगा बेटियों का खौफ, ABVP के ‘मिशन साहसी’ में देश भर की 150 छात्राएं सीख रही हैं आत्मरक्षा के अचूक गुर abvp mission sahasi self defense camp sonipat

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राई / सोनीपत (ABVP Mission Sahasi) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (अभाविप) द्वारा हरियाणा खेल विश्वविद्यालय, राई, सोनीपत में 3 दिवसीय ‘मिशन साहसी’ प्रशिक्षक प्रशिक्षण शिविर का आज शुभारंभ हुआ। यह शिविर 24 से 26 मई 2026 तक चलेगा। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आईपीएस सुश्री दीपिका अग्रवाल, अभाविप की अखिल भारतीय छात्रा कार्य प्रमुख प्रा. मनु कटारिया, अंतर्राष्ट्रीय महिला पहलवान सुश्री सोनम मलिक, हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. जसविंदर सिंह, अभाविप हरियाणा के प्रांत अध्यक्ष डॉ. सुशील मेहता एवं सुश्री तिथि विश्वास उपस्थित रहे।

ABVP Mission Sahasi देशभर से अभाविप की 150 से अधिक छात्रा कार्यकर्ता इस प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने सोनीपत पहुंची हैं। ये सभी कार्यकर्ता यहां व्यावहारिक एवं वास्तविक प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने-अपने प्रांतों में आयोजित होने वाले प्रांत अभ्यास वर्गों में अन्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगी। इसके पश्चात् वर्षभर वृहद स्तर पर छात्राओं को ‘मिशन साहसी’ का प्रशिक्षण देकर लाखों छात्राओं को मानसिक एवं शारीरिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा।उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए भारतीय महिला पहलवान सोनम मलिक ने कहा, “हमारी सुरक्षा हमारा सम्मान हमारी स्वयं की जिम्मेदारी है। खेल के मैदान में विपक्षी को हराने से पहले अपने डर को हराना पड़ता है।” अभाविप की अखिल भारतीय छात्रा कार्य प्रमुख प्रा. मनु कटारिया ने कहा, “छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना परिषद का कोई कार्यक्रम नहीं, बल्कि संकल्प है। निर्भया कांड हो या बंगाल के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज की घटना, महिलाओं के प्रति हो रहे अत्याचारों ने समाज में महिला सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। ‘समस्या नहीं समाधान’ को केंद्र में रखकर अभाविप ने ‘मिशन साहसी’ अभियान प्रारंभ किया है।”

ABVP Mission Sahasi उन्होंने बताया कि अभाविप द्वारा वर्ष 2018 में मुंबई में ग्रैंडमास्टर शिफुजी शौर्य भारद्वाज और ‘मिशन प्रहार’ के साथ मिलकर ‘मिशन साहसी’ की शुरुआत की गई थी। प्रथम चरण में 10,000 से अधिक छात्राओं को प्रशिक्षित किया गया। अभियान की सफलता को देखते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रारंभ किया गया। पिछले 6 वर्षों में अभाविप ‘मिशन साहसी’ के माध्यम से लाखों छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दे चुकी है और यह अभियान निरंतर जारी है। मिशन साहसी’ का लक्ष्य भारत की बेटियों को मानसिक एवं शारीरिक रूप से इतना सशक्त बनाना है कि वे किसी भी परिस्थिति का सामना कर सकें और दुराचारियों को सबक सिखा सकें। आईपीएस दीपिका अग्रवाल ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “शारीरिक रूप के साथ-साथ मानसिक रूप से भी साहसी होना आवश्यक है। यह प्रशिक्षण बेटियों को निर्भय होकर शिक्षा, समाज और राष्ट्रसेवा में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में सक्षम बनाएगा।

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