नई दिल्ली: Bhaarat Shodh Yaatra केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से देश में ‘भारत शोध यात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है। स्प्रिंगर नेचर ने शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से अनुसंधान में समग्रता, समावेशिता और नवाचार को बढ़ावा देने वाली देश की यह महत्वाकांक्षी पहल की है।
शिक्षा और रिसर्च से जुड़ी यह यात्रा देश के 15 शहरों और 7 राज्यों में स्थित 29 शीर्ष शिक्षण संस्थानों से होकर गुजरेगी। केंद्र के मुताबिक इसमें ओपन एक्सेस, अनुसंधान समग्रता, विविधता, समावेशिता और नैतिक विद्वता पर जोर होगा। इस शोध यात्रा में आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी कानपुर, आईआईटी गुवाहाटी, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (नई दिल्ली), आईआईएम कलकत्ता, आईआईएम लखनऊ और आईआईएम बोधगया जैसे प्रमुख संस्थानों का दौरा शामिल होगा।
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केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने सोमवार को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), नई दिल्ली में इस भारत शोध यात्रा 2025 को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सावित्री ठाकुर ने ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को सशक्त बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की अटूट प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि भारत शोध यात्रा देश भर के शोधकर्ताओं से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण जरिया है। यह यात्रा शोध में महिलाओं को प्रोत्साहन देती है, विद्वता में नैतिकता को प्रगाढ़ करती है, और अवसरों तथा संसाधनों तक सबकी समान पहुंच सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि महिला शोधकर्ताओं और विद्वानों का सशक्तिकरण एक समावेशी ज्ञान अर्थव्यवस्था के निर्माण का मूल आधार है। नैतिक शोध प्रथाओं को बढ़ावा देकर और ज्ञान तक पहुंच को सर्व-सुलभ करके यह पहल विकसित भारत के दृष्टिकोण में प्रत्यक्ष योगदान देती है।
ठाकुर ने कहा कि विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में महिला शोधकर्ताओं के लिए सुरक्षित, सहायक और अवसरों से परिपूर्ण वातावरण बनाने पर मंत्रालय का जोर है। उन्होंने स्प्रिंगर नेचर और आईसीएसएसआर की इस बात के लिए सराहना की कि इस दौरे में शोध में लैंगिक समानता, नैतिक प्रकाशन प्रथाओं और ‘हर रिसर्च, अवर फ्यूचर’ पहल पर चर्चाएं शामिल की गईं हैं। ये पहल शिक्षा जगत और नीति-निर्माण में महिलाओं की आवाज को मुख्यधारा में लाने के मंत्रालय के मिशन के अनुरूप है।
इस अवसर पर स्प्रिंगर नेचर के सीईओ फ्रैंक व्रेनकेन पीटर्स स्प्रिंगर नेचर इंडिया के प्रबंध निदेशक वेंकटेश सर्वसिद्धि और आईसीएसएसआर के सदस्य सचिव प्रोफेसर धनंजय सिंह भी उपस्थित थे।
स्प्रिंगर नेचर का कहना है कि वे तकनीक-संचालित प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से, शोधकर्ताओं को अपनी खोजों को साझा करने में सहायता कर रहे हैं। भारत शोध यात्रा 2025 के प्रमुख स्तंभों में ओपन एक्सेस (ओए) को बढ़ावा देना और एक राष्ट्र, एक सदस्यता (ओएनओएस) के बारे में जागरूकता बढ़ाना, अनुसंधान समग्रता को आगे बढ़ाना और प्रकाशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका का पता लगाना शामिल है।
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