नई दिल्ली: Kangana Ranaut मानहानि मामले में फिल्म अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को शिकायत रद्द करने से जुड़ी उनकी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद कंगना ने अपनी याचिका वापस ले ली। 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान कंगना रनौत के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का मामला कोर्ट में था। कंगना पर आरोप है कि उन्होंने महिला किसान महिंदर कौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
महिंदर कौर ने कंगना के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी Kangana Ranaut
Kangana Ranaut इसके बाद महिंदर कौर ने कंगना के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। सांसद ने इस शिकायत को रद्द करने के लिए चंडीगढ़ हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। उन्होंने याचिकाकर्ता से कहा, “हम आपके ट्वीट पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, इससे ट्रायल पर असर पड़ेगा। ये सिर्फ एक साधारण री-ट्वीट नहीं था, इसमें आपकी टिप्पणी भी शामिल थी।”
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कंगना के वकील ने कोर्ट से याचिका वापस ले ली Kangana Ranaut
Kangana Ranaut इसके बाद कंगना के वकील ने कोर्ट से याचिका वापस ले ली। कंगना रनौत ने किसान आंदोलन के दौरान अपने रिट्वीट में महिंदर कौर की फोटो शेयर की थी और लिखा था कि “यह वही बिलकिस बानो दादी है जो शाहीन बाग प्रदर्शन का हिस्सा थी।” इससे पहले पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने 1 अगस्त को कंगना रनौत की याचिका खारिज कर दी थी।
याचिकाकर्ता एक सेलिब्रिटी हैं Kangana Ranaut

Kangana Ranaut अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता एक सेलिब्रिटी हैं और उन पर गंभीर आरोप हैं कि उनके रीट्वीट में लगाए गए झूठे और मानहानिकारक आरोपों से प्रतिवादी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इससे न केवल उनकी छवि दूसरों की नजरों में कमजोर हुई है, बल्कि उनकी खुद की नजर में भी धक्का लगा है। इसलिए प्रतिवादी द्वारा अपने अधिकारों की रक्षा के लिए शिकायत दर्ज करना दुर्भावनापूर्ण नहीं माना जा सकता।
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