New Delhi 2026: दिल्ली की अदालत ने भ्रष्टाचार मामले में दो सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिए Delhi court on corruption charges

Delhi court on corruption charges

नई दिल्ली:Delhi court on corruption charges दिल्ली की एक अदालत ने कुछ मामलों में ‘‘बाहरी आर्थिक लाभ’’ के लिए जांच की निष्पक्षता से कथित तौर पर समझौता करने को लेकर एक पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) समेत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के दो अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और साजिश के आरोप तय करने के निर्देश दिए हैं। विशेष न्यायाधीश अतुल कृष्ण अग्रवाल ने सीबीआई के एक निरीक्षक और एक निजी कंपनी को यह कहते हुए शनिवार को बरी कर दिया कि उनके खिलाफ सबूत पर्याप्त नहीं हैं।

सीबीआई के अनुसार, डीएसपी आर के ऋषि, निरीक्षक कपिल धनकड़ और चयन ग्रेड-दो (एसजी दो) अधिकारी समीर कुमार सिंह ने दो गैर-सरकारी व्यक्तियों और कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर ‘‘बाहरी आर्थिक लाभ के लिए कुछ मामलों की जांच की निष्पक्षता से समझौता किया था’’।

रिश्वत के आरोपों पर सबूतों की कमी, अदालत ने सीबीआई के दावों पर उठाए सवाल Delhi court on corruption charges

नई दिल्ली:Delhi court on corruption charges एजेंसी ने भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी अधिनियम) की संबंधित धाराओं के तहत ऋषि, कपिल, समीर और मेसर्स फ्रॉस्ट इंटरनेशनल लिमिटेड के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। अदालत ने कहा, ‘‘इस मामले में सीबीआई का मुख्य आरोप यह है कि आरोपी एक (ऋषि) ने अलग-अलग व्यक्तियों से रिश्वत ली और उसे आरोपी दो (कपिल) एवं आरोपी तीन (समीर) में बांटकर उनसे गैरकानूनी लाभ प्राप्त किए लेकिन इस संबंध में कोई गवाह नहीं है।’’

अदालत ने कहा कि किसी भी आरोपी से ऐसी कोई रकम बरामद नहीं हुई है इसलिए अभियोजन पक्ष का मामला इस संदर्भ में काफी कमजोर है। अदालत ने कपिल और समीर के इकबालिया बयानों को भी यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनका कोई साक्ष्य मूल्य नहीं है।

गोपनीय जानकारी लीक करने और लाखों की नकद जमा पर अदालत ने समीर से मांगा जवाब Delhi court on corruption charges

नई दिल्ली:Delhi court on corruption charges समीर के खिलाफ लगे आरोपों पर अदालत ने कहा कि उन्होंने डीएसपी को सीबीआई के पास लंबित मामलों की जांच से संबंधित महत्वपूर्ण और गोपनीय जानकारी देकर उनके अवैध कृत्यों में सहायता की और बदले में डीएसपी को इसके लिए धन या अवैध रिश्वत मिलती थी। समीर द्वारा ऋषि को दी गई जानकारी में फ्रॉस्ट इंटरनेशनल लिमिटेड भी शामिल थी। अदालत ने कहा कि समीर के बैंक खाते में अप्रैल 2019 में कुछ ही समय में चार लाख रुपये से अधिक की नकद जमा राशि और नवंबर 2019 में लगभग 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त जमा राशि दर्ज की गई।
अदालत ने कहा, ‘‘इसलिए, आरोपी तीन को प्राप्त और जमा की गई नकदी के स्रोत की जानकारी देनी होगी क्योंकि लोक सेवकों को आमतौर पर 20,000 रुपये से अधिक के नकद लेनदेन करने या नकद जमा करने की अनुमति नहीं होती और इस तरह के लेनदेन को हतोत्साहित किया जाता है।’’

समीर और ऋषि पर भ्रष्टाचार व सूचना चोरी के आरोप तय, कपिल और फ्रॉस्ट इंटरनेशनल को राहत Delhi court on corruption charges

नई दिल्ली:Delhi court on corruption charges अदालत ने समीर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग तय करने का भी आदेश दिया और कहा कि वह एक लोक सेवक हैं जिन्होंने संबंधित विभाग के प्रमुख की जानकारी के बिना कुछ दस्तावेजों तक अवैध रूप से पहुंच बनाई, जो‘‘सूचना की चोरी’’ के बराबर है। अदालत ने ऋषि के खिलाफ भी इसी तरह के अभियोग तय करने के आदेश दिए। अदालत ने कपिल को बरी करते हुए कहा कि धन के लेन-देन का कोई सुराग नहीं है और उनके खिलाफ मामले में ‘‘सिर्फ संदेह है लेकिन वह इतना गंभीर नहीं कि आरोप तय किए जा सकें’’।
अदालत ने फ्रॉस्ट इंटरनेशनल लिमिटेड को भी बरी करते हुए कहा कि उसके खिलाफ आरोप केवल कुछ अनुमानों और अटकलों तथा कपिल के कथित इकबालिया बयान पर आधारित हैं, जो कानूनन मान्य नहीं है।

ALSO READS: कुमारी सैलजा का सरकार पर बड़ा हमला: BJP के इवेंट मैनेजमेंट और पेपर लीक माफिया ने देश को संकट में धकेला kumari selja attacks bjp

ALSO READS: Shimla कच्ची घाटी मारपीट: HRTC वॉल्वो बस ड्राइवर को पीटने वाले पंचकुला के 4 सैलानी गिरफ्तार shimla kacchi ghati hrtc volvo driver assault

ALSO READS: Ladwa मुख्यमंत्री नायब सैनी प्रदेश में 3 गुणा गति से करवा रहे विकास कार्य : रामकुमार कश्यप maharishi kashyap chowk inauguration ladwa

 

 

FOLLOW AS: http://DIGITAL SAMAJ.COM

FOLLOW AS: http://FACEBOOK .COM

FOLLOW AS: http://YOUTUBE .COM

📲 Join WhatsApp Channel
WhatsApp Facebook X
📲 Join WhatsApp