नई दिल्ली: देशभर में CBSE 12वीं बोर्ड रिजल्ट 2026 जारी होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी (Students Demanding CBSE 12th Exam Rechecking) देखने को मिल रही है। इस बार सबसे ज्यादा सवाल बोर्ड की ऑन स्क्रीन मार्किंग व्यवस्था पर उठ रहे हैं। स्थिति ऐसी बन गई है कि परीक्षा में शामिल लगभग हर चौथे छात्र ने अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी और रिचेकिंग के लिए आवेदन कर दिया है।
सीबीएसई के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष 10वीं और 12वीं की करीब 98.60 लाख कॉपियों का डिजिटल मूल्यांकन किया गया। परीक्षा में कुल 17.68 लाख छात्र शामिल हुए थे। रिजल्ट जारी होने के बाद जैसे ही बोर्ड ने मार्क्स वेरिफिकेशन और स्कैन कॉपी (Students Demanding CBSE 12th Exam Rechecking) डाउनलोड का पोर्टल शुरू किया, शुरुआती कुछ घंटों में ही रिकॉर्ड संख्या में आवेदन आने लगे।
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सिर्फ तीन घंटे के भीतर 1.26 लाख से ज्यादा छात्रों ने आवेदन कर दिया, जिसके कारण बोर्ड की वेबसाइट तक ठप पड़ गई। अब तक 4 लाख से ज्यादा छात्र 11.31 लाख उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी और रिचेकिंग के लिए आवेदन कर चुके हैं। यह संख्या कुल परीक्षार्थियों का करीब 23 प्रतिशत बताई जा रही है।
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पिछले साल के मुकाबले बड़ा उछाल (Students Demanding CBSE 12th Exam Rechecking)
अगर पिछले साल के आंकड़ों से तुलना करें तो इस बार मामला और गंभीर नजर आ रहा है। साल 2025 में लगभग 1.31 लाख छात्रों ने 2.82 लाख कॉपियों की रिचेकिंग और वेरिफिकेशन के लिए आवेदन (Students Demanding CBSE 12th Exam Rechecking) किया था। वहीं इस बार आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या 4 लाख के पार पहुंच गई है। यानी एक साल में लगभग 238 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सोशल मीडिया और शिक्षा जगत में अब यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि क्या बोर्ड को 12वीं परीक्षा दोबारा कराने जैसे बड़े फैसले पर विचार करना पड़ सकता है। हालांकि CBSE की ओर से फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
वेबसाइट क्रैश से बढ़ी परेशानी
रिचेकिंग प्रक्रिया शुरू होने के बाद लगातार बोर्ड का पोर्टल दबाव में बना हुआ है। कई छात्रों ने शिकायत की है कि वेबसाइट पर बार-बार “Service Not Available” का मैसेज दिखाई दे रहा है। कुछ छात्रों को एक पेज खोलने के लिए 8 से 10 बार तक रिफ्रेश करना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि देर रात 2 बजे के बाद ही वेबसाइट कुछ समय के लिए सही तरीके से काम कर रही है, जिसके कारण छात्र (Students Demanding CBSE 12th Exam Rechecking) रातभर जागकर आवेदन करने को मजबूर हैं। कई मामलों में छात्रों के खातों से पैसे कटने के बावजूद आवेदन सफल नहीं हो पाया।
छात्र क्या मांग कर रहे हैं?
इस बार छात्र मुख्य रूप से तीन चरणों में अपनी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। पहले चरण में मार्क्स वेरिफिकेशन (Students Demanding CBSE 12th Exam Rechecking) कराया जा रहा है, जिसमें टोटलिंग और डेटा एंट्री की जांच होती है। दूसरे चरण में छात्र स्कैन कॉपी मांग रहे हैं ताकि वे यह देख सकें कि कोई सवाल बिना जांचे तो नहीं छोड़ा गया या कहीं नंबर गलत तरीके से तो नहीं काटे गए। तीसरे चरण में छात्र चुनिंदा सवालों के मूल्यांकन को चुनौती देकर री-इवैल्यूएशन की मांग कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट
बढ़ते विवाद और तकनीकी समस्याओं को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी मामले का संज्ञान लिया है। सूत्रों के मुताबिक शिक्षा मंत्रालय ने CBSE से सर्वर क्रैश, धुंधली स्कैन कॉपी और गलत उत्तर पुस्तिकाओं से जुड़ी शिकायतों पर विस्तृत रिपोर्ट (Students Demanding CBSE 12th Exam Rechecking) मांगी है। इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया में शामिल बाहरी आईटी एजेंसियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

