नई दिल्ली: भारत इस समय भीषण गर्मी (Heatwave in India 2026) और लू की चपेट में है। मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक लू और भीषण गर्मी का असर जारी रह सकता है। इसके चलते हीटस्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ गया है।
इसी बीच राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट ने चिंता और बढ़ा दी है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2024 में देशभर में लू लगने से 1,832 लोगों की मौत हुई थी। यह पिछले दो दशकों में सबसे ज्यादा मौतों में से एक है।
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2015 के बाद सबसे ज्यादा मौतें (Heatwave in India 2026)
NCRB के अनुसार, इससे पहले साल 2015 में अत्यधिक गर्मी के कारण 1,908 लोगों की जान गई थी। कोरोना महामारी के दौरान लू (Heatwave in India 2026) से होने वाली मौतों में कुछ कमी देखने को मिली थी। साल 2021 में यह संख्या घटकर 374 रह गई थी, लेकिन इसके बाद एक बार फिर मामलों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ता तापमान और लंबे समय तक धूप में रहने की वजह से लोगों के लिए हालात खतरनाक होते जा रहे हैं।
पुरुषों पर ज्यादा असर
रिपोर्ट के मुताबिक, लू (Heatwave in India 2026) से होने वाली मौतों का असर पुरुषों पर ज्यादा देखने को मिला। खासकर कामकाजी उम्र के लोगों में इसका खतरा सबसे अधिक रहा। 30 से 44 साल की उम्र के 525 पुरुषों की मौत लू लगने से हुई। 45 से 59 साल के आयु वर्ग में 577 पुरुषों की जान गई। वहीं महिलाओं में यह आंकड़ा काफी कम रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि बाहर काम करने वाले लोग, मजदूर और लंबे समय तक धूप में रहने वाले पुरुष ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
युवाओं में भी बढ़ रहा खतरा
18 से 29 साल की उम्र के युवाओं में भी गर्मी (Heatwave in India 2026) का असर साफ दिखाई दिया। इस आयु वर्ग में 152 पुरुषों की मौत दर्ज की गई, जबकि महिलाओं की मौत का आंकड़ा केवल 23 रहा। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि अत्यधिक तापमान और लंबे समय तक बाहरी वातावरण में रहने से खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
29 मई के बाद मिल सकती है राहत
IMD ने संभावना जताई है कि 29 मई के बाद तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण आने वाले वर्षों में हीटवेव की घटनाएं और ज्यादा गंभीर हो सकती हैं।
जलवायु परिवर्तन बना बड़ी चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती गर्मी (Heatwave in India 2026) Heatwave in India 2026अब सिर्फ मौसम की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बनती जा रही है। खासकर वे लोग ज्यादा खतरे में हैं, जो लंबे समय तक धूप और अत्यधिक तापमान में काम करते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और शरीर को ठंडा रखने की सलाह दी है।
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